Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ी सिनेमा दमदार, 20 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

छत्तीसगढ़ी सिनेमा दमदार, 20 करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

मनु नायक के निर्देशन में बनी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म कहि देबे संदेश से छत्तीसगढ़ी सिनेमा का बीज पड़ा, जो आज वृक्ष में तब्दील हो गया है। मध्यप्रदेश के अलग होने के बाद प्रदेश के सिनेमा में बड़ा बदलाव आया सतीश जैन निर्मित और अभिनेता पद्मश्री अनुज शर्मा की फिल्म मोर छइंया भुुइंया से। इस फिल्म ने कई टाकीजों में 100 दिन चलकर रिकॉर्ड बनाया। अब 19 साल बाद फिर छॉलीवुड में बड़ा बदलाव हुआ है।

यह दमदार हो गया है। सिनेमा का कारोबार बीस करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है। 2017 से 18 के बीच 48 फिल्मों का निर्माण हुआ। कुछ फिल्में रिलीज हुईं और कुछ का बाकी है। पूर्व में लाख-दो लाख रुपये में बनने वाली फिल्मों का बजट अब 70 से 80 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

नए निर्माता और निर्देशकों ने ली एंट्री

फिल्मों के निर्माण और निर्देशन के क्षेत्र में सन्‌ 2018-19 छॉलीवुड के लिए काफी अच्छा रहा। करीब 10 अभिनेताओं और 12 नए निर्देशकों ने एंट्री ली।

समस्याओं से जूझ रहा सिनेमा

छॉलीवुड फिल्मों के लिए नए अभिनेता, निर्देशक और निर्माता तैयार हैं, लेकिन स्क्रीन न मिलने के कारण फिल्में घाटे में चल रही हैं। समस्याओं से जूझ रही इंड्रस्टी में फिल्म विकास निगम का गठन तो हुआ, लेकिन कुछ खास नहीं हुआ। निर्देशक अनुपम भार्गव बाताते हैं कि फिल्मों को मल्टीप्लेक्स में भी जगह मिलना जरूरी है। स्थानीय फिल्मों को स्क्रीन नहीं मिली तो स्थानीय कलाकारों का रोजगार खत्म हो जाएगा।

रिलीज

राधे अंगूठा छाप – 65 लाख

मोर जोड़ीदार – 80 लाख

आइ लव यू 20 लाख

हमर फैमली नंबर वन 10 लाख

राजू दिलवाला 35 लाख

बंधन प्रित के 64 लाख

नाग और अर्जुन 25 लाख

टूरा चायवाला 55 लाख

टिकिट टू छॉलीवुड 25 लाख

तहूं कुंवारा महूं कुंवारी 30 लाख

नए निर्देशक

अनुपम भार्गव

भूपेद्र चंदनिया

पुष्पेन्द्र सिंह

राजेश अवस्थी

एक्टर

दिनेश साहू

पीलेश साहू

अनुपम भार्गव

अमित चक्रवर्ती

अशरफ अली

– छत्तीसगढ़ी की फिल्मों को 100 स्क्रीन नहीं मिलेगी तब तक कुछ नहीं हो सकता। रही बात लोगों की मानसिकता की, उसमें बदलाव की जरूरत है। लोग अब छत्तीसगढ़ी फिल्मों को यूट्यूब और अन्य सोशल साइट्स पर देखना चाहते हैं, जो ठीक नहीं है। 50 से 70 लाख में बनी फिल्म को कौन सा निर्देशक और निर्माता मुफ्त में दिखाना चाहेगा। डॉ. रमन सिंह ने फिल्म विकास निगम का गठन कर अपना वादा पूरा किया। अब भूपेश सरकार की बारी है, वे फिल्म इंडस्ट्री के लिए कुछ करें। – राजेश अवस्थी, निर्माता- निर्देशक, पूर्व फिल्म विकास निगम अध्यक्ष