Home जानिए अब नहीं होगी बिजली की खपत, एलपीजी गैस से चलेगा आपका रेफ्रिजरेटर

अब नहीं होगी बिजली की खपत, एलपीजी गैस से चलेगा आपका रेफ्रिजरेटर

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 वाहनों में इस्तेमाल होने वाली गैस से फ्रिज चलाया जा सकेगा. यह कारनामा किया है, भरतपुर टेक्नीकल कॉलेज के छात्रों और प्रोफेसर की टीम ने. दरअसल रेफ्रिजरेटर में कूलिंग के लिए हाइड्रोकार्बन गैस की जगह एलपीजी गैस का टेस्ट किया गया, जो कामयाब रहा. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ बिजली की खपत भी कम होगी.

अब तक आपने वाहनों को एलपीजी गैस से दौड़ते देखा होगा, लेकिन अब ये एलपीजी गैस आपके रेफ्रिजरेटर को संचालित करेगी. भरतपुर टेक्नीकल कॉलेज में ‘एलपीजी बेस्ड रेफ्रिजरेटर सिस्टम’ तैयार किया गया है. जिसे राजस्थान टेक्नीक यूनिवर्सिटी, कोटा से हरी झंडी मिल गई है. साथ ही प्रोजेक्ट के लिए 3 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत हो चुका है. दरअसल इस रेफ्रिजरेटर में कूलिंग के लिए हाइड्रोकार्बन के बजाय एलपीजी का इस्तेमाल किया गया. इसके इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण के साथ ही बिजली खर्च भी बचेगा.

प्रोजेक्ट पर काम कर रही टीम ने 20 लीटर क्षमता का रेफ्रिजरेटर मॉडल तैयार किया. इसमें कूलिंग के लिए फियोन या हाइड्रोकार्बन गैस के बजाय एलपीजी का इस्तेमाल किया गया. दरअसल एलपीजी सिलेण्डर में पहले से ही काफी प्रेशर रहता है, इसलिए प्रेशर की और बिजली की जरुरत नहीं पड़ी. एक बर्नर से गैस सिलेण्डर को रेफ्रिजरेटर से जोड़ा गया और इसमें एलपीजी छोड़ी गई. यह एलपीजी रेफ्रिजरेटर में जाकर कूलिंग करती है. यही गैस दूसरे बर्नर से जुड़े चूल्हे तक सप्लाई होती है. जिस पर साथ में खाना बनाया जा सकता है.

डॉ. गुप्ता ने बताया कि अब इसी मॉडल के आधार पर प्रोजेक्ट के तहत कॉलेज में 200 लीटर क्षमता का रेफ्रिजरेटर तैयार किया जाएगा. मौजूदा समयमें रेफ्रिजरेटर में कूलिंग के लिए हाइड्रोकार्बन का इस्तेमाल किया जाता है. हाइड्रोकार्बन की वजह से ओजोन परत को क्षति पहुंचती है. वहीं इस रेफ्रिजरेटर में कूलिंग के लिए एलपीजी का इस्तेमाल करके पर्यावरण को हो रहे नुकसान को कुछ कम किया जा सकता है.