Home समाचार CPI, NCP और TMC खो सकती हैं राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

CPI, NCP और TMC खो सकती हैं राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

हालिया लोकसभा चुनाव में अपेक्षित प्रदर्शन न होने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), तृणमूल कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) राष्ट्रीय दल का अपना दर्जा खो सकती हैं।

सूत्रों ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी दिनों में इन राजनीतिक दलों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए जाने की संभावना है जिसमें पूछा जाएगा कि क्यों न उनका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खत्म कर दिया जाए।

भाकपा, बसपा और राकांपा 2014 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद भी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खोने के संकट का सामना कर रही थीं। हालांकि, उन्हें 2016 में तब राहत मिल गई जब निर्वाचन आयोग ने अपने नियमों में संशोधन करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के दर्जे की समीक्षा पांच साल की जगह हर 10 साल के अंतराल पर की जाएगी।

बसपा के पास वर्तमान में 10 लोकसभा सीट और कुछ विधानसभा सीट हैं, इसलिए अब उसके सामने राष्ट्रीय दल का दर्जा खोने का संकट नहीं है।

निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के तहत किसी राजनीतिक दल को तब राष्ट्रीय स्तर का दल माना जाता है जब उसके उम्मीदवार लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार या अधिक राज्यों में कम से कम छह प्रतिशत वोट हासिल करें। इसके अलावा लोकसभा में उसके कम से कम चार सांसद हों।

इसके पास कुल लोकसभा सीटों की कम से कम दो प्रतिशत सीट होनी चाहिए और इसके उम्मीदवार कम से कम तीन राज्यों से आने चाहिए।