Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ राज्य की संकल्पना को मूर्त रूप देने में डॉ. खूबचंद...

छत्तीसगढ़ राज्य की संकल्पना को मूर्त रूप देने में डॉ. खूबचंद बघेल का योगदान अविस्मरणीय-मुख्यमंत्री

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

राष्ट्र के सभी हिस्सों के विकास से ही संपूर्ण राष्ट्र का विकास संभव है। डॉ. खूबचंद बघेल ने इस बात को शिद्दत से महसूस किया और पूरे मनोयोग से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कार्य किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की संकल्पना को मूर्त रूप देने में डॉ. खूबचंद बघेल जैसे यशस्वी जननायकों ने जो योगदान दिया वह सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह बात भिलाई स्थित कला मंदिर में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित डॉ. खूबचंद बघेल जयंती समारोह एवं माटीपुत्र सम्मान समारोह में कही। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने संबोधन में बैरिस्टर छेदीलाल, स्वर्गीय श्री चंदूलाल चंद्राकर जैसे पुरोधाओं को भी याद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ऐसे सभी विभूतियों के योगदान एवं प्रेरणादायी जीवन की कहानियां नई पीढ़ी को पढ़ाई जानी चाहिए ताकि उनका आत्मगौरव और बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विभूतियों ने छत्तीसगढ़ राज्य और यहां के विकास को लेकर सपना देखा था, अब वक्त आ गया है कि हम सभी मिलकर उनके संकल्प को पूरा करें। मुख्यमंत्री ने कहा उनकी सरकार ने इस दिशा में कार्य भी आरंभ कर दिया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं से देश में सर्वाधिक मूल्य 2500 रुपए की दर से धान खरीदी की गई, किसानों का कर्ज माफी किया गया। इससे किसान उत्साह हैं और खेती-किसानी के प्रति रूझान बढ़ा है। तीज त्योहार, हरेली पर पहली बार शासकीय अवकाश घोषित करने से तीजहारिन महिलाएं विशेष रूप से खुश हैं। उन्होंने कहा माताओं-बहनों की खुशी और तरक्की से बहुत संबल मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा बीएसपी और एनएमडीसी जैसे संस्थानों में तीसरे और चौथे दर्जे की नियुक्तियों में छत्तीसगढि़यों की अधिकाधिक हिस्सेदारी हो, इस दिशा में हमने पहल की है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों के पुरोधा श्री मनु नायक को माटीपुत्र सम्मान से सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि मनु नायक का सम्मान कर उन्हें गहरी खुशी हो रही है। उन्होंने बरसों मुंबई में काम किया, फिर भी वे बिल्कुल नहीं बदले। छत्तीसगढि़या जहां भी जाता है अपनी मिट्टी की सुगंध साथ रखता है। अपनी मिट्टी के प्रति गहरा अनुराग उसके साथ होता है। वे जब भी वापस आते, उसी आत्मीयता से बोलते, छत्तीसगढ़ी में अपनी बातें रखते हैं। छत्तीसगढ़ी सिनेमा में को बढ़ावा देने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। 

मुख्यमंत्री ने उनसे जुड़ी हुई स्मृतियां भी साझा की। उन्होंने बताया कि मनु नायक की फिल्म ‘कहि देबे संदेश’ श्रीमती इंदिरा गांधी को भी पसंद आई थी और उस समय अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री डी. पी. मिश्र ने उसे टैक्स फ्री कर दिया था। इसमें मो. रफी, मन्ना डे, महेंद्र कपूर तथा सुमन कल्याणपुर जैसे महान फनकारों ने अपनी आवाज दी थी। इस अवसर पर विधायक श्री देवेंद्र यादव सहित अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।