Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ : हाईकोर्ट ने सरोज पाण्डे को इस मामले में विस्तृत जवाब...

छत्तीसगढ़ : हाईकोर्ट ने सरोज पाण्डे को इस मामले में विस्तृत जवाब देने को कहा, मुश्किलों में पड़ सकती है

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डे के खिलाफ कांग्रेस के लेखराम साहू की याचिका में शुक्रवार को सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में ही याचिका में सरोज पाण्डे को नोटिस जारी कर दिया गया था. सरोज पाण्डे ने नोटिस के जवाब प्रस्तुत करने के बजाय एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है. इसलिए इसे प्राथमिक स्तर पर ही खारिज कर दिया जाए. सुनवाई में कोर्ट ने पूछा कि बताए की कैसे किन प्रावधानों के तहत ये आवेदन संतुष्ट करेगा. इसके बाद सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये मामला चलने योग्य है. सुनवाई में ही सरोज पाण्डे के अधिवक्ता ने अपने आवेदन को विड्रॉ कर लिया. बहस के बाद कोर्ट ने पाण्डे को याचिका का विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब मामले में 4 सप्ताह के बाद अगली सुनवाई होगी.

बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर किया है. इसमे कहा गया है कि राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डे ने चुनाव के नॉमिनेशन के समय निर्वाचन आयोग को अपना गलत शपथपत्र दिया है. शपथपत्र में उन्होंने अपना पता मैत्री नगर भिलाई बताया है. इसके अलावा मतदाता सूची में दुर्ग शहर के भाग क्रमांक 166 में मतदाता क्रमांक 428 में नाम दर्ज होने की जानकारी दी है. जबकि मैत्री नगर भिलाई – दुर्ग ग्रामीण में आता है वहां उनके पिता रहते है.

सरोज पाण्डे दुर्ग शहर के जल विहार परिसर में पीएचई के बंगले में अवैध तरीके से रह रही है. सरोज के द्वारा बताया गया भाग क्रमांक जल परिसर का है और परिसर का बंगला राजेश मूणत के नाम पर आवंटित है. इसके अलावा सरोज पाण्डे ने अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडियन के खाते की भी जानकारी नहीं दी है. पूरे मामले को लेकर लेखराम साहू ने सरोज पाण्डे के निर्वाचन को निरस्त कर उन्हें निर्वाचित घोषित करने की मांग याचिका में की है.