Home समाचार सभी जिलों में खुलने थे सब्जी आउटलेट, कहीं भी नहीं खुले :...

सभी जिलों में खुलने थे सब्जी आउटलेट, कहीं भी नहीं खुले : पटना

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

पटना : राज्य सरकार ने सभी जिलों में ताजा सब्जी का सरकारी दुकान खोलने का निर्णय लिया था. करीब दस महीने बीत चुके हैं, सरकारी लाल फीताशाही के चलते अबतक एक भी सब्जी का आउटलेट नहीं खुल पाया है.

पूरे प्रदेश में चार सौ आउटलेट खोलने की योजना है. सिर्फ पटना में ही डेढ़ सौ आउटलेट खुलना था. 10 माह गुजर जाने के बाद भी एक भी आउटलेट नहीं खुला. सब्जी वैन भी घाटे का सौदा साबित हो रहा है. इसका हाल आमदनी अठन्नी और खर्च रूपैया वाला है.

तरकारी ब्रांड का आउटलेट खोलने के लिए अभी तक सब्जी उत्पादक संघ को कोई जगह नहीं मिली है. जगह जिला प्रशासन व नगर निकाय को उपलब्ध कराना है. राज्य सरकार कंफेड की तर्ज पर सब्जी के उत्पादन और विपणन की योजना बनायी है. सब्जी उत्पादन और विपणन के लिए बेजकोमान बना है, यह तरकारी ब्रांड के नाम से सब्जी की बिक्री करेगा. पूरी योजना 457 करोड़ की है. पिछले वित्तीय वर्ष में योजना के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था हुई थी, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में सौ करोड़ की व्यवस्था है. राज्य सरकार सब्जी उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए सब्जी आधारित सहकारी समितियों का गठन कर रही है.

पटना में अभी 12 वैन से हो रही सब्जी की बिक्री

राज्य में सब्जी प्रसंस्करण और विपणन की योजना जल्द ही पटरी पर आयेगी. वैन से बिक्री शुरू हुई है इसका बेहतर रिस्पांस मिल रहा है. आउटलेट खोलने के लिए लिए नगर विकास विभाग और जिलाधिकारियों जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है.

राणा रंधीर, सहकारिता मंत्री