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इस देश में चिकन की कीमत करोड़ों में तो वहीं 28 हजार रुपए प्रति किलो मिल रहा टमाटर

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वेनेजुएला एक समय अपने तेल भंडार की बदौलत दुनिया का सबसे धनवान देश हुआ करता था. लेकिन अब उसकी हालत काफी खस्ता हो चुकी है. वेनेजुएला में महंगाई दर एक करोड़ फ़ीसदी पहुंच गई है. जबकि भारत में केवल 3.18 फ़ीसदी है. वेनेजुएला की मुद्रा बोलीवर्स का अवमूल्यन होने के बाद एक लाख की कीमत एक बोलीवर्स हो गई है. वेनेजुएला में महंगाई का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि वहां 1 किलो टमाटर आपको 28 हजार रुपये (50 लाख बोलीवर्स) से ज्यादा की कीमत में मिलेंगे.

एक साल में 1100 फ़ीसदी की वृद्धि

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला में पिछले साल महंगाई दर 9029 फ़ीसदी थी, जो अब बढ़कर एक करोड़ फ़ीसदी हो गई है. यानी कि पिछले 1 साल में वेनेजुएला में महंगाई में 1100% से ज्यादा का इजाफा हुआ है. एक कप कॉफी की कीमत 50 लाख बोलीवर्स है, जिसकी भारतीय रुपए में कीमत लगभग 28000 रुपए होगी.

01 करोड़ फीसदी पहुंची महंगाई दर वेनेजुएला में, एक साल में 1100% का इजाफा

चिकन की कीमत करोड़ों में

वेनेजुएला में 2 किलो चिकन खरीदने के लिए आपको लगभग 1.20 करोड़ बोलीवर्स चुकाने पड़ेंगे. इसके अलावा चावल और आटा भी लगभग 50 लाख बोलीवर्स में बिक रहा है.

काम के बदले मांग रहे अंडे-केले

वेनेजुएला में लोग काम के बदले खाने-पीने का सामान मांग रहे हैं. वहां बाल काटने के बदले अंडे और केले मांगे जा रहे हैं. वहां एक अंडे की कीमत एक लाख बोलीवर्स यानी 558 रुपये है.

शॉक थेरेपी से सुधरेंगे हालात

अर्थशास्त्री वेनेजुएला को आर्थिक संकट से उबारने के लिए शॉक थेरेपी देने की बात कह रहे हैं. हालांकि यह मेडिकल साइंस की शॉक थेरेपी से अलग है. शॉक थेरेपी का मतलब है बाजार पर सरकार का नियंत्रण कम करना, सरकारी खर्च में कमी, टैक्स में बढ़ोतरी, विदेशी निवेश को आसान बनाना और अलोकप्रिय नेतृत्व का सत्ता से हटाना आदि है.

ऐसे कंगाल हुआ वेनेजुएला

वेनेजुएला की कुल सकल घरेलू उत्पाद में 96 फ़ीसदी योगदान तेल निर्यात से कमाई का है. कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिसके बाद यह 25 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गई, जिससे कमाई में काफी गिरावट आई. वहीं तेल उत्पादन भी गिरकर एक तिहाई रह गया.

राष्ट्रपति निकोलस के विरुद्ध लोगों में है आक्रोश

वेनेजुएला के लोगों में राष्ट्रपति निकोलस मादूरो के प्रति आक्रोश भरा हुआ है. इस वजह से विपक्ष के नेता गुइदो वहां सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं. अमेरिका समेत कई देशों ने उन्हें राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी है. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष वेनेजुएला की आर्थिक मदद को तैयार है. लेकिन सरकार के मुखिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादूरो का कहना है कि उन्हें किसी की भीख नहीं चाहिए.