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छत्तीसगढ़ : स्व-सहायता समूह की महिलाएं बनाएंगी महुआ लड्डू, बच्चों में कुपोषण दूर करने अंडे के बाद अब महुआ लड्डू बांटेगी सरकार

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 बच्चों में बढ़ते कुपोषण को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अब अंडे के बाद महुआ के लड्डू बांटेगी. महुआ छत्तीसगढ़ के बस्तर और आसपास के आदिवासी इलाकों में पाया जाने वाला प्रमुख फल है. जिसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं.

आमतौर पर ये धारणा होती है कि महुआ का इस्तेमाल सिर्फ शराब बनाने के लिए किया जा सकता है लेकिन इसमें कई औषधीय गुण भी हैं. बस्तर और ग्रामीण इलाकों में महुआ का लड्डू काफी प्रचलित है, जो बच्चों, किशोरावस्था वाले बालक-बालिका और गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्व के रूप में दिया जाता है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने बताया कि सभी जिले के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे डीएमएफ फंड का इस्तेमाल करके स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी में गर्भवती महिलाओं को महुआ के लड्डू बांटे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. इसका निर्माण भी बस्तर के ग्रामीण इलाकों में महिला स्वसहायता समूहों के ज़रिए करवाया जाएगा.