Home क्षेत्रीय खबरें / अन्य खबरें तेजस्वी, तेज प्रताप देर रात तक धरने पर, दूध बाजार तोड़ने के...

तेजस्वी, तेज प्रताप देर रात तक धरने पर, दूध बाजार तोड़ने के विरोध में राजद का जोरदार हंगामा…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

रेलवे स्टेशन के करीब दूध मार्केट को तोडे जाने के विरोध में बुधवार शाम राजद ने जोरदार हंगामा किया. राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मिल्क मार्केट के सामने धरने पर बैठ गये. उन्हें देखकर दूध कारोबारियों के साथ ही राजद विधायक और कार्यकर्ता भी आक्रामक हो उठे. उनकी जोरदार नारेबाजी के बीच तेजस्वी ने उन सभी को उग्र होने से रोका.

वह लगातार प्रशासन के अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन कोई वहां नहीं पहुंचा. तेजस्वी से डीएम और कमिश्नर से फोन पर बातचीत हुई. इसी बीच तेज आंधी और बारिश के बावजूद तेजस्वी कार्यकर्ताओं सहित धरने पर डटे रहे. शाम करीब सवा सात बजे से धरने पर बैठे तेजस्वी का साथ देने के लिए देर रात उनके भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेज प्रताप यादव भी मौके पर पहुंच गये.

जमींदोज दूध मार्केट के साथ राधा कृष्ण के मंदिर तोड़े जाने पर भी दूध कारोबारी नाराज थे. बाद में प्रशासन ने समूचे मार्केट को बिजली आपूर्ति करने वाली लाइट कटवा दी. अंधेरा होने की वजह से सभी कार्यकर्ता रोड पर आ गये. हंगामे की शुरुआत बुधवार दोपहर बाद हुई. अतिक्रमण हटाओ दस्ता दूध मार्केट से कब्जे हटा रहा था. शाम तक आधे से ज्यादा मिल्क मार्केट को अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने हटा दिया था.

कुछ पूंजीपतियों को होगा फायदा : तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि दूध मार्केट को तोड़ने की वजह केवल कुछ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की साजिश है. इसलिए दूध बेचने वाले छोटे कारोबारियों को उजाड़ दिया गया. उन्होंने अफसरों तक संदेश भी पहुंचाया कि वे इसको धराशायी करने की वजह बतायें. इस बीच कोई अफसर सामने नहीं आया. अफसर अपनी-अपनी गाड़ियों में जाकर बैठ गये.

पुलिस आगे कर दी. इस दौरान उनके साथ मौजूद राजद नेताओं ने निगम कमिश्नर और दूसरे अफसरों को फोन भी लगवाये, लेकिन किसी के फोन नहीं उठे. इसके बाद वे कार्यकर्ताओं के सामने पटना जंक्शन के सामने गोलंबर के निकट धरने पर बैठ गये.

रास्ता जाम हो गया. करीब आधा घंटे सड़क पर कुर्सी डालकर बैठे रहे. इसके बाद तेज आंधी पानी आ गया. वह जाम में छाता तानकर सड़क पर ही खड़े रहे. रात में उनका साथ देने उनके भाई तेजप्रताप यादव भी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गये. तेज प्रताप ने कहा कि राधा कृष्ण मंदिर तोड़ना हमारा अपमान है. ये हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.

उन्हाेंने अपने अंदाज में काफी कुछ कहा. दोनों भाइयों को एक साथ देखकर कार्यकर्ता और कारोबारी काफी जोश में आ गये. तेजस्वी यादव ने कहां कि वह चाहते हैं कि दूध कारोबारियों को वैकल्पिक स्थायी जगह दी जाये. इस पर प्रशासन का जवाब था कि जगह देंगे, लेकर लिखकर नहीं देंगे. तेजस्वी यादव ने ये भी कहा-प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं.