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39 हजार के करीब सोना, आर्थिक सुस्‍ती के दौर में क्‍यों बढ़ रही कीमत?

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भारत समेत दुनियाभर में आर्थिक सुस्‍ती का दौर चल रहा है. इस माहौल में दुनियाभर में सोने की कीमत में भी तेजी देखने को मिल रही है. अगर भारत के संदर्भ में बात करें तो सोने का भाव 39 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के करीब है. बीते गुरुवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का भाव 150 रुपये की तेजी के साथ 38,970 रुपये की नई ऊंचाई को छू गया. यह अब तक का सबसे महंगा भाव है. इसी तरह चांदी की कीमत ने भी 45 हजार प्रति किलोग्राम के भाव को पार कर लिया है. ऐसे में सवाल है कि आर्थिक सुस्‍ती की हालत में सोने की डिमांड क्‍यों बढ़ रही है. आइए जानते हैं पूरे मामले को..

क्‍यों बढ़ती है कीमत

दरअसल, सोने को सुरक्षित निवेश का सबसे बेहतर साधन माना जाता है. ऐसे में जब भी निवेशकों को आर्थिक हालात ठीक नहीं लगते तब वह सोने के निवेश को प्राथमिकता देते हैं. इसका नतीजा ये होता है कि सोने की डिमांड बढ़ जाती है. सोने की डिमांड बढ़ने की वजह से कीमत में इजाफा होता है. इसके अलावा घरेलू बाजार में खरीदारी ज्‍यादा होती है, तब भी सोने के भाव में तेजी आती है. खासतौर पर त्‍योहारी सीजन में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है. वहीं सरकार की नीतियों और फैसलों का भी सोने के भाव पर असर पड़ता है.

भारत में क्‍यों महंगा हो रहा सोना

1. भारत में सोने के भाव बढ़ने के कई कारण हैं. पहला सबसे बड़ा कारण आम बजट में सोने पर सरकार का फैसला है. दरअसल, बीते जुलाई महीने में आम बजट पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने गोल्‍ड पर आयात शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है. आयात शुल्‍क बढ़ने की वजह से गोल्‍ड का कारोबार तेजी से घटा है. बता दें कि भारत गोल्‍ड का बहुत बड़ा आयातक है. यह अपनी जरूरत का ज्यादा हिस्सा आयात करता है.

2. सोने के भाव में तेजी की दूसरी सबसे बड़ी वजह आरबीआई द्वारा लगातार रेपो रेट में की जा रही कटौती है. वैसे रेपो रेट में कटौती का आम लोगों को सीधा फायदा तो मिलता है लेकिन अप्रत्‍यक्ष रूप से सोने के भाव में बढ़ोतरी भी इसी वजह से होती है. दरअसल, रेपो रेट में कटौती का मतलब है कि बैंक अब आरबीआई से ज्यादा आसानी से लोन ले पाएंगे. इसके बाद बैंकों में पैसों का प्रवाह बढ़ेगा. फिर बैंक बाजार में लोन देगा. इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का प्रवाह बढ़ेगा. इसका नतीजा ये होगा कि संस्थाएं और आम लोग अपने पैसों का निवेश सोना खरीदने की ओर करेंगे. इससे सोने की डिमांड और कीमत दोनों बढ़ेगी.

3. अगर दो-चार दिनों को छोड़ दें तो आम बजट के बाद से भारतीय शेयर बाजार की सेहत बिगड़ती जा रही है. बीते मई महीने में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद 40 हजार के आंकड़े को पार करने वाला सेंसेक्‍स मौजूदा वक्‍त में 37 हजार के नीचे कारोबार कर रहा है. इसी तरह निफ्टी भी 12 हजार से लुढ़क कर 10 हजार 700 के स्‍तर तक आ गया है.

यही नहीं, जुलाई महीने में भारतीय बाजार ने 17 साल का सबसे खराब प्रदर्शन किया है. बाजार के जानकारों के मुताबिक आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेश पर सरचार्ज लगाने का ऐलान किया था. इसके बाद से शेयर बाजार की हालत बदतर हो गई है. इस सुस्‍ती की वजह से निवेशक अपने शेयर बेचक सोने में निवेश पर जोर दे रहे हैं. जाहिर है, डिमांड बढ़ने की वजह से कीमत में भी इजाफा हुआ है.

4. देश में सोने की कीमत में तेजी की एक बड़ी वजह ग्लोबल राजनीतिक संकट है. दरअसल, वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बरकरार है. हाल ही में अमेरिका की ओर से चीन की वस्‍तुओं पर आयात शुल्‍क लगा दिया गया है. वहीं चीन पर अपनी करेंसी युआन के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं. इन हालातों में चीन की ओर से कठोर जवाब के संकेत मिल रहे हैं. इन सभी हालातों ने भी निवेशकों में भय का माहौल बनाया है. इसके अलावा वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं ने भी निवेशकों को डराया है. बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने ग्लोबल इकनॉमिक ग्रोथ रेट का अनुमान 3.5 से घटाकर 3.3% कर दिया है.

और बढ़ेगी कीमत?

जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमत बढ़ सकती है. दरअसल, देश में त्‍योहारी सीजन आ रहा है. इस सीजन में सोने की डिमांड बढ़ने की उम्‍मीद है. अगर ऐसा होता है तो सोने की कीमतों में इजाफा होगा और यह 40 हजार के आंकड़े को पार कर सकता है.