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2 साल से कम उम्र के बच्चों को भूल कर भी न पिलाएँ फ्रूट जूस बिगड़ सकती है सेहत

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जूस पीना किसको पसंद नही होता है । बच्चे हों या बड़े सभी को जूस पीना बहुत अच्छा लगता है । हमको बचपन से सिखाया भी यही ही जाता है की जूस पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है । इससे हमारी सेहत बहुत अच्छी रहती हैब । इससे हमको जरूरी वितमीन्स और मिनरल्स मिलते हैं ।

पर जब बात बच्चों की आती है तो हां कई बार गलत भी साबित हो जाते हैं । जी हाँ हमको लगता है की हम बच्चों के लिए बहुत अच्छा कर रहे है उनको हेड़ी च्गिज़ोन का सेवन करवा रहे हैं । पर यह सच नही है । बच्चों को जूस पिलाने की भी एक सही उम्र होती है । बच्चों का शरीर बहुत नाजुक और कमजोर होता है । ऐसे मेन हमको उन पीआर खासा ध्यान देने की जरूरत होती है ।

यदि आपके घर में भी 2 साल से कम उम्र के बच्चे हैं तो बुंकों भूल कर भी कोल्डरिंक और फ्रूट जूस ना दें । अगर बच्चों को फ्रूट जूस या फिर फ्रूट ड्रिंक्स दिए भी जाते हैं तो उसकी मात्रा 2 से 5 साल की उम्र के बच्चों के लिए प्रति दिन 125ml यानी आधा कप होनी चाहिए, जबकि 5 साल से अधिक आयु वाले बच्चों को एक कप यानी प्रति दिन 250 ml के हिसाब से फ्रूट जूस देना चाहिए।

इन खाद्य पदार्थों और ड्रिंक्स का सीधा संबंध हाई बॉडी मास इंडेक्स से होता है और बच्चों में हार्ट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा कैफीनयुक्त ड्रिंक्स पीने से नींद आने में दिक्कत होने लगती है। इसकी वजह से बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट संबंधी परेशानियां, डेंटल हेल्थ इशूज और बिहेवियरल चेंजेस अत्यधिक होने लगे हैं।

एक सर्वे के मुताबिक, 9 से 14 साल के 200 बच्चों में से 93 फीसदी ऐसे बच्चे थे जो हफ्ते में एक बार से अधिक पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड आइटम्स खाते हैं वहीं 68 फीसदी बच्चे ऐसे थे जो इसी टाइम पीरियड में पैकेज्ड शुगर स्वीटन्ड बेवेरेजस का सेवन करते हैं। वहीं 53 फीसदी ऐसे बच्चों का भी आंकड़ा था जो कम से कम दिन में एक बार ये चीजें खाते हैं।