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सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा-जल्द मिलेगा नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को जल्द ही नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद यह बयान दिया है। कमलनाथ ने कहा है कि नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर उनकी और सोनिया गांधी की बातचीत हुई है।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष कौन होगा? इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस में खींचतान की खबरें बताई जा रही हैं। राज्य के राजनीतिक गलियाओं में हो रही चर्चा के मुताबिक अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया और और मुख्यमंत्री कमलनाथ गुट के बीच हो रही खींचतान हो रही है। वहीं दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह समर्थक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के यहां लगातार पार्टी नेताओं और विधायकों का जमावड़ा बना हुआ है। बुधवार को चाय के बहाने पार्टी के करीबन डेढ़ दर्जन विधायक अजय सिंह के घर पहुंचे।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर बीते 1 सप्ताह के दौरान भोपाल से लेकर दिल्ली तक गतिविधियां बढ़ गई हैं। कमलनाथ कैबिनेट के कुछ मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने के लिए पार्टी आलाकमान पर दबाव बनाए हुए हैं।

दतिया और जबलपुर के जिलाध्यक्ष के बाद बुधवार को मुरैना के जिलाध्यक्ष ने धमकी दी कि सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस की समान नहीं सौंपी गई तो गालियां संभाग के सभी जिलाध्यक्ष अपने इस्तीफे सौंप देंगे। उधर दिग्विजय सिंह खेमा अजय सिंह के अलावा कमलनाथ के खास बाला बच्चन सज्जन सिंह वर्मा का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है दरअसल बाला बच्चन आदिवासी चेहरा है। इसके अलावा सोनिया गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद मीनाक्षी नटराजन और अभी मीडिया प्रभारी शोभा ओझा का नाम भी बहुत तेजी से चल रहा है।

दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया 15 सालों बाद सत्ता में आई कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदार थे लेकिन राहुल गांधी और सोनिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए कमलनाथ का चयन किया जिसके चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया की नाराजगी सामने आई थी। दो दर्जन सिंधिया समर्थकों ने विधानसभा के नतीजे आने के बाद दिल्ली में सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर हंगामा भी किया था वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी इसी तरीके का हंगामा सामने देखा गया था। सिंधिया की नाराजगी देखते हुए प्रियंका गांधी और ज्योति राजे सिंधिया को उत्तर प्रदेश की कमान लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सौंपी गई थी।