Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ : मंदी की मार, बाजार बेहाल

छत्तीसगढ़ : मंदी की मार, बाजार बेहाल

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

अगर आप घर बनाने की सोच रहे हैं तो यह समय आपके लिए काफी अनुकूल कहा जा सकता है। मार्केट में डिमांड की सुस्ती का असर बिल्डिंग मटेरियल की कीमतों में देखने को मिल रहा है। सरिया, सीमेंट के बाद अब रेत की कीमतों में भी गिरावट आ गई है। क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इनमें गिरावट के ही संकेत हैं। इन दिनों पूरा भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में गिरावट है।

बाजार की सुस्ती के चलते इन दिनों लोहा बाजार में तो मंदी ही छाई है। इसके चलते फैक्टरियों में सरिया 36000 रुपये प्रति टन और रिटेल में 39000 रुपये प्रति टन बिक रहा है। इसके साथ ही सीमेंट 220 रुपये प्रति बैग बिक रही है। क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि ऑफ सीजन के चलते इनकी डिमांड कमजोर है। साथ ही शासकीय कार्यो के साथ ही निजी काम भी इन दिनों बंद पड़े हुए है। इनका असर ही कीमतों में देखने को मिल रहा है। अब त्योहारी सीजन आने को है और ऐसे में डिमांड और घट जाती है। भवन निर्माण सामग्री के दाम सस्ते होने के साथ ही इन दिनों रियल इस्टेट सेक्टर में भी मंदी छाई हुई है। इसके चलते प्रॉपर्टी की कीमतों में भी स्थिरता है।

11 हजार से घटकर 9000 हुई रेत

पखवाड़े भर पहले ही रेत 500 फीट(प्रति हाइवा) 11000 रुपये में बिक रही,जो अब घटकर 9000 रुपये में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि इसके साथ ही इसकी सप्लाई भी प्रभावित हो गई थी, लेकिन अब रेत की सप्लाई सामान्य होती जा रही है। रेत की सप्लाई प्रभावित होने के कारण बीते कुछ महीनों से रेत की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई थी और इसके बाद 13000 रुपये तक पहुंच गए थे।