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कांगो फीवर को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के दिए गए निर्देश

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 चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने प्रदेश में क्रिमियन कांगो हेमरेजीक फीवर को लेकर सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने हाई रिस्क ग्रुप के मरीज यथा नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों को अपना विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि क्रिमियन कांगो हेमरेजीक फीवर के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही मरीज की यथाशीघ्र स्क्रीनिंग करने, प्राथमिक उपचार एवं आवश्यकतानुसार समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफरल करने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। क्रिमियन कांगो हेमरेजीक फीवर में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, चक्कर आना, अकड़न, सिरदर्द, आंखों में जलन, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, गले में खराश, घबराहट, रक्तस्राव एवं नींद नहीं आने के लक्षण सामने आते हैं।

चिकित्सा मंत्री ने कांगो फीवर से बचने के लिए कृषि का कार्य और पशुओं के साथ काम करने वाले व्यक्तियों को टीक (पिश्शू/चींचड़ा) के काटे जाने से बचाव के उपाय करने का आग्रह किया है। बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने एवं घर से बाहर जाते समय जूते-मौजे पहनने के साथ ही यदि किसी पशु गाय, भैंस, बकरी आदि के शरीर पर चींचड़ा लगे होने पर उस पशु का पशु चिकित्सालय में जाकर इलाज करवाने का आग्रह किया गया है।