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छत्तीसगढ़ नान घोटालाः नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन प्रबंधक ने लगाए ऐसे आरोप

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नागरिक आपूर्ति निगम के तत्कालीन प्रबंधक शिवशंकर भट्ट का कहना है कि घोटाला नान में नहीं, फूड कारपोरेशन में हुआ। छग के पूर्ववर्ती सरकार ने जबरिया 10 लाख टन चावल खरीदवाया और स्टोर कराया गया। स्टोर करने गोदाम में जगह नहीं थी। इसलिए स्कूल, सांस्कृतिक भवनों में भी स्टोर कराना पड़ा था । परिवहन में चार करोड़ रुपये खर्च हुए।

भट्ट ने यहां प्रेसवार्ता में तत्कालीन सीएम डॉ. रमन सिंह, खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले और नान के अध्यक्ष लीलाराम भोजवानी को मास्टर माइंड बताया।

उन्‍होंने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए 21 लाख फर्जी कार्ड बनवाए गए। लोकसभा तक उन कार्डो पर आवंटन हुआ। उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका और सरकार पर भरोसा है । निष्पक्ष जांच और कार्रवाई होगी। 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए थे। जिससे हर माह प्रति कार्ड 1300 रुपए का खाद्यान्न निकलता रहा। घोटाले में खाद्य सचिव, वित्त सचिव, एमडी नान की भी भूमिका होने की बात कही।

भट्ट ने कहा कि सब्सिडी का भुगतान गलत हुआ, बिना परीक्षण किए ही भुगतान कर दिया। खाद्यान्न हितग्राहियों तक पहुंचा ही नहीं है।