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हनीट्रैप मामला : नाक में नली डालते ही घबराकर उठ बैठी छह घंटे से बेहोश आरती

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हनीट्रैप मामले में आरोपित आरती दयाल को पुलिस मंगलवार दोपहर दोबारा एमवायएच लेकर पहुंची। आरती को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया। दोपहर से शाम तक लगभग 6 घंटे आरती बेहोशी की हालत में रही। सुबह से भूखी आरती को डॉक्टरों ने नली लगाकर तरल पदार्थ देने का निर्णय लिया। शाम छह बजे उसकी नाक से नली डाली गई। जब नाक के अंदर नली पहुंची तो आरती घबराकर उठ बैठी। तत्काल डॉक्टरों ने बीपी जांचा जो सामान्य पाया गया। इसके बाद दिन भर से आरती के नखरे उठा रही पुलिस की जान में जान आई।

रात आठ बजे अस्पताल ने उसे डिस्चार्ज कर दिया और पुलिस उसे फिर पलासिया थाने ले आई। सोमवार सुबह आरती ने पलासिया थाने में पेट दर्द की शिकायत की और बेहोश हो गई। उसे तत्काल एमवायएच लाया गया। अस्पताल पहुंचने पर उसे ट्रामा यूनिट भेजा गया। यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ ने उसकी सभी जांच की। आरती को सोनोग्राफी के लिए भेजा गया। दो घंटे के बाद सभी जांच रिपोर्ट आने पर विशेषज्ञों ने स्थिति ठीक होने की जानकारी दी।

उसके चेहरे पर तनाव देख अस्पताल प्रबंधन ने मानसिक चिकित्सालय बाणगंगा से मनोचिकित्सक को बुलाया। मनोचिकित्सक ने लगभग 60 मिनट तक उससे बात करने की कोशिश की व मानसिक स्थिति को समझा। जांच के बाद उन्होंने भी मानसिक स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी। लगभग 4 बजे आरती ने ठंड लगने की बात कही।

अस्पताल प्रबंधन ने मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ को बुलाया व जांच कराई। जांच में स्थिति सामान्य पाई गई। पुलिस ने डाक्टरों को बताया कि उसने सुबह से कुछ नहीं खाया है। इसके बाद डॉक्टरों ने नाक से आहार नली डालकर तरल पदार्थ देने का निर्णय लिया। शाम छह बजे के लगभग बेहोश आरती की नाक में जैसे ही नली डाली गई आरती उठ बैठी। पुलिस वालों ने जैसे ही देखा कि आरती उठकर बैठ गई उन्होंने राहत की सांस ली। दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद लगभग रात 8 बजे आरती को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया

सभी पैरामीटर सामान्य

आरती को दोबारा जांच के लिए लाया गया था। उसने जो परेशानियां बताई उन सभी की जांच विशेषज्ञों ने की। स्थिति सामान्य पाई गई। आवश्यक दवाइयां देकर उसे रात को ही डिस्चार्ज कर दिया गया है। – डॉ. पीएस ठाकुर, अधीक्षक एमवायएच