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वो इंस्पेक्टर जो एसीबी का माना जाता था ‘हीरो’, हार गया बीमारी से जंग

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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में इंस्पेक्टर विक्रम सिंह शेखावत कैंसर से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गए। मंगलवार को अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। पिछले कुछ दिनों से विक्रम अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टर उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर इलाज कर रहे थे। उनके निधन पर मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने भी शोक जताया है। बता दें कि इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने अपनी काबलियत के कारण एसीबी के हीरो की पहचान बना ली थी।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर जताया शोक

प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विक्रम सिंह शेखावत के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि ‘राजस्थान के एक बहादुर और समर्पित अधिकारी एसीबी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह शेखावत की निधन से गहरा दुख हुआ। उनका निधन एक बहुत बड़ी क्षति है। उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके परिवार के सदस्यों के लिए मेरी संवेदना और प्रार्थना। ईश्वर उन्हें शक्ति दे।’ वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी ट्वीट कर शोक जताया।

सचिन पायलट ने जताया शोक

इसके अलावा डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी शेखावत के निधन पर दुख प्रकट करते हुए लिखा कि ‘एसीबी में कार्यरत पुलिस इंस्पेक्टर विक्रम सिंह शेखावत के निधन की खबर से मन व्यथित है। इस दुखद घड़ी में गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारजनों के साथ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को यह आघात सहन करने का संबल प्रदान करें।’

वहीं केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने संदेश में लिखा कि ‘सीकर से इंस्पेक्टर विक्रम सिंह शेखावत, एक जुझारू ऑफिसर थे। कुछ समय से कैंसर के कारण अस्पताल में भर्ती थे। आज उनके अकस्मात निधन का समाचार सुन स्तब्ध हूं। युवा अवस्था में कैंसर जैसे रोगों का यू प्राण हर लेना मन को विचलित कर देता है। निशब्द श्रद्धांजलि। ऊं शांति।’

भेजा कई लोगों को जेल

साल 1976 में सीकर जिले के खुडी-लक्षमनगढ़ में विक्रम सिंह का जन्म हुआ था। करीब दस साल तक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरों में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कई सारे मामलों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हाई प्रोफाइल मामलों के बड़े खुलासों में आईएएस और आईपीएस जैसे ओहदेदारों को घूसखोरी के चलते जेल जाना पड़ा। ये वो मामले रहे जिनके खुलासे में विक्रम सिंह सूत्रधार बने।

स्वास्थ्य खराब होने के कारण गिरता रहा स्वास्थ्य

एसीबी के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का स्वास्थ्य खराब होता चला गया। डॉक्टरी जांच में उन्हें कैंसर का पता चला। इसके बाद वे लगातार इलाज कराते रहे। जानकारी के मुताबिक 6 जून की रात वे अचानक से अचेत हो गए। अच्छे इलाज के लिए उन्हें मुंबई ले जाया गया। इसके बाद उन्हें जयपुर के नारायण अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां विक्रम को बचाने की डॉक्टरों ने भरसक कोशिश की। लेकिन उन्हें कोई बचा नहीं पाया।

बड़े मामलों में रहे सूत्रधार

विक्रम सिंह शेखावत कई सारे मामलों में सूत्रधार रहे। डिप्टी सेक्रेटरी गृह अनिल पालीवाल ट्रेप केस, आईएनसी सलाहकार महेश शर्मा ट्रेप केस, अजमेर एसपी राजेश मीणा ट्रेप केस, जिला जज अजय शारदा मामले में सूत्रधार रहे। नकली घी रैकेट खुलासे के करीब 11 मामलों में सूत्रधार रहे। एसपी कोटा सतवीर सिंह ट्रेप केस, वरिष्ठ आईएएस अशोक सिंघवी खान महाघूसकांड मामला, एनआरएचएचम भ्रष्टाचार मामला, पीएचईडी भ्रष्टाचार मामले में भी सूत्रधार रहे।