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छत्तीसगढ़ : राज्यपाल बोलीं- सरकार अच्छी है, किडनी पीड़ितों की देखभाल अब मेरा भी जिम्मा…

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राज्यपाल अनुसुइया उइके किडनी पीड़ितों का हाल जानने मंगलवार को 11 बजे स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ सुपेबेड़ी पहुंचीं। हालात जानने के बाद राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री व संवेदनशील कांग्रेस सरकार अपने स्तर पर बेहतर काम कर रही है, मैंने भी आज सुपेबेड़ा को करीब से देखा, अब मेरी भी जिम्मेदारी कि पीडितों को पूरी सुविधा मिले। उन्होंने कोई समस्या आने पर ग्रामीणों से सीधे राजभवन संपर्क करने को कहा। 


स्वागत को औपचारिकता के बगैर राज्यपाल के बाद मंत्री सिंहदेव ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि राज्यपाल संवेदनशील हैं, वे आप तक पहुंची हैं, आप उनके सामने अपनी समस्या रखिये, हममें कोई कमी हो तो हम उसे पूरा करेंगे।

राज्यपाल अनसुइया उइके ने किडनी पीड़ितों से मिलकर कहा कि पिछले 10-15 सालों से समस्या यथावत है, मैं जानने आई हूं कि इसकी वजह क्या है, हम क्या बेहतर करवा सकते हैं, इसकी चर्चा आप लोगों से करना था। उन्होंने ये भी कहा कि पास में सेनमुड़ा में मौजूद हीरा खदान का कई साल पहले दोहन किया गया था।आशंका जाहिर करते हुए कहा कि हो सकता है इसी के चलते हैवी मेटल पानी में घुलकर अब नुकसान पहुंचा रहा हो। उन्होंने कहा कि और भी कई कारण हैं जिसका  पता लगवाने की जरूरत है।  ग्रामीणों से रूबरू होने के बाद उइके ने कहा अब आश्वासन नहीं क्रियान्वयन होगा। 

अफसरों से कहा-काम करने का तरीका बदलें : पीड़ितों से संवाद के दौरान फिर से ग्रामीणों ने सुपेबेड़ा में अस्पताल, चिकित्सक, तेल नदी का साफ पानी देने,  तेल नदी के सेनमुड़ा घाट पर पुल बनाने की मांग उठाई। मंत्री इन मांगों के लिए किए गए प्रयास व मंजूरी को राज्यपाल को बताते रहे। मंत्री के जवाब से सन्तुष्ट उइके ने कहा कि सरकार काम ठीक कर रही है पर उसे क्रियान्वयन करने वाले अफसरों को अपने काम के तरीके को बदलकर बदलाव लाने की जरूरत है। 

पति की मौत के बाद मांगी इच्छामृत्यु, मंत्री ने मौके पर ही दे दी नौकरी : शिक्षक प्रदीप क्षेत्रपाल को बेवा बैदेही ने किडनी पीड़ित पति की मौत के बाद झेल रहे हालात को जब राज्यपाल के सामने रोते हुए रखा तो वे भी भावुक हो गईं। वैदेही ने बताया कि लोन लेकर उसने बीमार पति को बचाने संघर्ष किया, जमीन जायदाद सब कुछ बेच दिया पर साल भर पहले पति की मौत हो गई। आज तीन बच्चों के भरण पोषण का बोझ झेल रही है। उसने बताया कि वह अनुकम्पा नियुक्ति की मांग करते-करते थक गई।  पीड़िता ने कहा उसे अब इच्छा मृत्यु दे दी जाए। पीड़िता की भावनाएं जानकर राज्यपाल उइके भी भावुक हो गईं । उन्होंने मौके पर ही मंत्री सिंहदेव से इस बाबत चर्चा की।

राज्यपाल ने कहा-डीकेएस और एम्स में होगा पीड़ितों का मुफ्त इलाज : राज्यपाल ने परिवारों से रुबरू चर्चा कर उन्हें भरोसा दिलाया कि अब प्रभावितों को रायपुर के डीकेएस और एम्स हॉस्पिटल में निःशुल्क उपचार कराने और परिवारजनों के भोजन एवं ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। राज्यपाल ने तेल नदी पर वाटर फिल्टर प्लांट शीघ्र चालू करने, देवभोग में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन सिविल अस्पताल में करने तथा ब्लड बैंक की स्थापना करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर  स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने बताया कि तेल नदी पर सेंदमुड़ा के पास पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ 8 लाख 44 हजार की स्वीकृति देने के साथ ही वाटर फिल्टर प्लांट के 14 करोड़ की स्वीकृति दे दी गई है।