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छत्तीसगढ़ : किसानों के साथ 13 को कांग्रेसी सड़क मार्ग से करेंगे दिल्ली कूच

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किसानों के साथ 13 नवंबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनकी सरकार के मंत्री, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम समेत कांग्रेस के तमाम नेता और कार्यकर्ता सड़क मार्ग से दिल्ली कूच करेंगे। 15 नवंबर को संसद के बाहर कांग्रेस मोदी सरकार के खिलाफ धरना देगी, जिसमें छत्तीसगढ़ के कांग्रेस और किसान भी शामिल होंगे। इस आंदोलन का दौर सात नवंबर से शुरू हो जाएगा। ब्लॉक से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन चलेगा। इस दौरान हर गांव में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें किसानों से 25 सौ रुपए में धान खरीद को स्वीकृति, बोनस और सेंट्रल पूल में चावल लेने की मांग को लेकर फॉर्म भराए जाएंगे। किसानों के फॉर्म का पुलिंदा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने दिल्ली ले जाया जाएगा।

आंदोलन की रूपरेखा और तैयारी को लेकर रविवार को कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में प्रदेश प्रभारी पुनिया, मुख्यमंत्री बघेल और पीसीसी अध्यक्ष मरकाम की उपस्थित में बैठक हुई। इसमें दो मंत्री उमेश पटेल और जयसिंह अग्रवाल को छोड़कर बाकी 10 मंत्री, विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, जिलाध्यक्ष और मोर्चा-संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष उपस्थित थे। बैठक में बनी रणनीति के बारे में पुनिया ने पत्रकारवार्ता में बताया कि सात नवंबर को दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग के सभी ब्लॉक मुख्यालयों और आठ नवंबर को रायपुर व बिलासपुर संभाग के ब्लॉक मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। 11 नवंबर को पांचों सभागों के जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन होगा।

13 नवंबर की सुबह नौ बजे पुनिया, बघेल, मरकाम समेत कांग्रेस के विधायकों, वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्ताओं का काफिला वाहनों से दिल्ली रवाना होगा, जिसमें किसान और उनके विभिन्न् संगठनों के नेता भी शामिल होंगे। चरणबद्ध आंदोलन की रिपोर्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री भक्त चरणदास हाईकमान को देंगे। पार्टी हाईकमान ने उन्हें इस आंदोलन के लिए छत्तीसगढ़ का पर्यवेक्षक बनाया है।

बूथ स्तर पर भराए जाएंगे किसानों से फॉर्म

बूथ स्तर पर किसानों से हस्ताक्षर कराने का अभियान चलेगा। बूथ कमेटियों को 10 नवंबर तक जिला कमेटियों को फॉर्म देना होगा। उसके बाद 12 नवंबर की शाम तक जिला कमेटियां प्रदेश कमेटी तक फॉर्म को पहुंचाएंगी।

सीएम ने चर्चा लिए कल सांसदों को बुलाया

किसानों के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रदेश के सभी सांसदों को चर्चा के लिए बुलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे सांसदों से अपील करेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने छत्तीसगढ़ के किसानों के हित की बात को रखें।

सत्ता में रहकर कांग्रेस का दूसरी बार दिल्ली कूच

इसके पहले जब कांग्रेस सत्ता में थी और मुख्यमंत्री अजीत जोगी थे, तब धान खरीद की मांग को लेकर मुख्यमंत्री, उनका पूरा मंत्रिमंडल और पार्टी के सभी विधायक तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने गए थे। चर्चा विफल रही, तो पीएम आवास के सामने धरने पर बैठक गए थे। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। देर रात छोड़े गए थे। अगले दिन कांग्रेस ने विरोध में छत्तीसगढ़ बंद कराया था।