Home समाचार ई-सिगरेट के बाद अब सामान्य धूम्रपान को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती...

ई-सिगरेट के बाद अब सामान्य धूम्रपान को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे एनजीओ…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

सरकार की तरफ से स्वास्थ्य को खतरे के आधार पर इलेक्ट्रानिक सिगरेट को प्रतिबंधित किए जाने के बाद अब सामाजिक संगठनों में धूम्रपान के पारंपरिक तरीकों को भी रोकने की आस जगी है। दो एनजीओ ने पारंपरिक सिगरेट और अन्य तमाम कैंसरजनित तंबाकू उत्पादों को भी प्रतिबंधित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाने की तैयारी कर ली है। इन एनजीओ का कहना है कि ये उत्पाद ई-सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक हैं। दिल्ली के एनजीओ ऊर्जा (यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन) और हैदराबाद के सामाजिक संगठन वचांगयू फिलहाल जनहित याचिका और एक वर्गीकृत मुकदमा दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें वे धूम्रपान के कारण होने वाले बीमारियों के चिकित्सा खर्च के तौर पर 5 लाख रुपये और इसके चलते अपने कमाऊ सदस्य को खो देने वाले लोगों के लिए 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग भी शामिल कर रहे हैं।