Home छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ : सदन में उठा नान घोटाला मामला, CM भूपेश बघेल और...

छत्तीसगढ़ : सदन में उठा नान घोटाला मामला, CM भूपेश बघेल और रमन सिंह के बीच तीखी नोकझोंक…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003

छत्तीसगढ़ विधानसभा के छठवें दिन सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच बहुचर्चित नान घोटाला मामला को लेकर काफी हंगामा हुआ. विपक्ष लगातार कानून व्यवस्था, अध्यादेश को लेकर सदन में सरकार को घेर रही है. वहीं सोमवार सुबह सदन में सीएम भूपेश बघेल और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बीच नान मामले पर तीखी नोकझोंक हुई. डॉ. रमन सिंह ने जहां सरकार पर सदन में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया, तो वहीं सीएम भूपेश बघेल ने रमन सिंह से उनके 15 सालों का हिसाब मांगा. वहीं सदन में विधायक केशव चंद्रा ने कोरबा में छिन्दई नाला आधारित ग्रामीण समुद्र जल प्रदाय योजना में कितनी राशि की मद स्वीकृत की गई इस पर सवाल पूछा. जवाब में मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि ये 2008 की योजना है , जो 10 करोड़ 86 लाख की योजना थी. उन्होंने कहा कि उस दौरान के अधिकारियों की जानकारी ली जा रही है. जिस काम के लिए कार्य स्वीकृत किया गया था वो कार्य हुआ नहीं. इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने जांच करने के निर्देश दिया है. तो वहीं सदन में आज विधानसभा उपाध्यक्ष की औपचारिक तौर पर घोषणा भी कर दी जाएगी.

रमन सिंह ने वकीलों की मांगी जानकारी

सदन में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने नान घोटाले में PIL लगाने वाले वकीलों की जानकारी मांगी. साथ ही निजी वकीलों पर शासन द्वारा किए गए खर्चों और शासकीय विमान उपलब्ध कराने की भी जानकारी उन्होंने मांगी. इस सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि पी. चिदंबरम को उपलब्ध कराया गया था शासकीय विमान. पी.चिदम्बरम को बतौर फीस 60 लाख रुपए से अधिक का किया गया भुगतान. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता दयन कृष्णन को किया गया था 81 लाख का भुगतान. सीएम भूपेश बघेल ने रमन सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि लोग सीएम मेडम, सीएम सर कौन है जानना चाहते थे हैं. उसका जवाब तो आज तक नहीं आया. उन्होंने कहा कि रमन सिंह की सरकार में भी बाहर के वकील को बुलाया गया था. किसे कब और कितना भुगतान किया गया सबका हिसाब मेरे पास है.

सदन में जोरदार हंगामा नान घोटाला मामले में सदन दोनों पक्षों के बीच काफी सवाल जवाब हुआ. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार को अपने 15 सालों तक खर्च किए गए संपत्ति का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि नान घोटाले की जांच रोकने नेता प्रतिपक्ष PIL लगाते हैं. सीएम बघेल की इस टिप्पणी पर सदन में जोरदार नोंकझोंक हुई. पक्ष-विपक्ष के सदस्य खड़े होकर नारेबाजी करने लगे. तो वहीं विधायक मोहन मरकाम ने सीएम बघेल से पूछा नान घोटाले में कौन-कौन लोग शामिल हैं और उनपर कार्रवाई होगी क्या. जवाब में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कार्रवाई के लिए ही तो SIT का गठन किया गया है.

रमन सिंह ने लगाया आरोप नान मामले पर आपत्ति जताते हुए रमन सिंह ने कहा कि अपूर्व कुरूप शासकीय वकील के तौर पर उपस्थित पर हुए थे. उन्होंने कहा कि हरीश साल्वे कभी बिलासपुर हाईकोर्ट आए ही नहीं. रविन्द्र श्रीवास्तव कभी हाईकोर्ट नहीं पहुंचे. डॉ. रमन सिंह ने सरकार पर विधानसभा को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया. इस पर सीएम भूपेश बघेल और डॉ. रमन सिंह के बीच काफी देर तक बहस होती रही.