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क्या है ये झुमरी तलैया? 50 के दशक में क्यों हर जुबां पर चढ़ गया था ये नाम?

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दोस्तों संग बातचीत में आखिरी बार आपने कब झुमरी तलैया कहा था? जरा दिमाग पर जोर डालिए. आपने इसका इस्तेमाल तो किया होगा लेकिन क्या इसका मतलब भी समझते हैं? कई लोग इसे झुमके से जोड़कर देखते हैं, तो कई इसे किसी झूले से संबंधित मानते हैं लेकिन हकीकत में ऐसे कम ही हैं जो सच में झुमरी तलैया का मतलब समझते हैं. झुमरी तलैया जिसे झुमरी तिलैया भी कहा जाता है, यह दरअसल झारखंड के कोडरमा जिले में स्थित एक कस्बा है. यह दामोदर घाटी में बसा हुआ है.

झुमरी तलैया नाम कहां से आया?
हमारे देश में कई रोचक नाम छिपे हुए हैं और इन्हीं में से एक है झुमरी. झुमरी यहां के एक गांव का नाम है जो शहर में ही स्थित है. जबकि तलैया एक हिंदी नाम है जिसे एक छोटी झील के लिए प्रयुक्त किया जाता है. झुमरी स्थानीय सांस्कृतिक नृत्य का भी नाम है.

इतिहास को भी जान लीजिए
झुमरी तलैया एक वक्त अभ्रक की बड़ी खदान भी हुआ करता था. कोडरमा में रेल रूट से जुड़ा होने की वजह से 1890 में अंग्रेजों ने सबसे पहले यहां अभ्रक की बड़ी खदान का पता लगाया था. इसी के बाद यहां खनन शुरू हुआ और कई खदानें बन गईं. छत्तू राम भदानी और होरिल राम भदानी का सीएच प्राइवेट लिमिटेड, दिवंगत श्री लाल खाटूवाला की बिर्धीचंद बंसीधर यहां की बड़ी कंपनियों में से एक थीं.

अभ्रक की खदान से हुई भारी कमाई के बाद संपन्न औद्योगिक घरानों ने झुमरी तलैया में कई विला और आलीशान घर भी बनाए. 1960 के दशक में मर्सीडीज, पोर्श और कई लग्जरी गाड़ियों के ब्रैंड झुमरी तलैया में आम बात थे. यहां ये गली गली में दिखाई दे जाते थे. 1973-74 के आसपास कई अभ्रक कारोबार सरकार के आधिपत्य में आ गए. सरकार के जिस वेंचर के तहत ये सब हुआ बाद में उसका नाम बिहार स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (बीएसएमडीसी) कर दिया गया. आज ये झारखंड स्टेट मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के नाम से जाना जाता है. यहां से निकलने वाला अधिकतर अभ्रक यूएसएसआर को भेजा जाता था जिसका इस्तेमाल सैन्य और स्पेस के लिए किया जाता था.

यहां की पहली फर्म जिसने अभ्रक का एक्सपोर्ट किया वो बिर्धीचंद बंसीधर थी. इसने हॉन्ग कॉन्ग, ताईवान, सिंगापुर और श्रीलंका में अपने दफ्तर इसी दम पर खोले. लेकिन यूएसएसआर के विघटन के बाद और अभ्रक का सब्सिट्यूट आ जाने से यहां के खनन कारोबार में 1990 के बाद उतार का दौर शुरू हो गया था.

ये शहर पहले हजारीबाग जिले का हिस्सा था जो 10 अप्रैल 1994 को कोडरमा में आ गया था. झारखंड के गठन के बाद झुमरी तलैया म्युनिसिपैल्टी को छोटा शहरी इलाका भी घोषित किया गया.