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मुसीबत में फंसे लोगों की मदद के लिए फरीदाबाद के इस युवक ने बनाई ‘दृष्टिकोण’ मोबाइल ऐप…

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हरियाणा में फरीदाबाद जिले के एक युवक ने खतरे और मुसीबत में फंसे हुए लोगों की मदद के लिए एक खास तरह का मोबाइल ऐप बनाया है. सेक्टर 19 के रहने वाले हेमंत चौहान नाम के इस युवक ने ‘दृष्टिकोण’ नाम की एक मोबाइल एप्लिकेशन बनाई है, जिसे बनाने में उसे करीब एक साल का वक्त लग गया. हेमंत चौहान का दावा है कि खतरे की स्थिति में फंसे हुए लोगों को यह ऐप सेफ फील करवाएगी.

हेमंत ने बताया कि अगर कोई अनसेफ माहौल में है तो वो ‘दृष्टिकोण’ मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने 10 जानने वाले लोगों को सूचना दे सकता है. यह ऐप मुसीबत में फंसे व्यक्ति की लोकेशन भी उक्त 10 नंबर पर सेंड कर देगा. दृष्टिकोण ऐप के माध्यम से पुलिस स्टेशन से लेकर किसी भी इमरजेंसी सेवा के नंबर्स भी इस ऐप में दी गई है, जिसे एक क्लिक पर कॉल कर मदद ली जा सकेगी. हेमंत का कहना है कि इस ऐप को और बेहतर बनाने के लिए पुलिस प्रशासन से भी संपर्क किया जा रहा है, जिसके बाद यह ऐप एक मील का पत्थर साबित होगी.

गूगल प्ले स्टोर से कर सकते हैं डाउनलोड

गौरतलब है कि आज देशभर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है, ऐसे में ये ऐप उनके लिए भी काफी मददगार साबिक हो सकता है. हाल ही में डीएवी कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर हेमंत चौहान ने पत्रकारों को बताया कि इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से भी डाउनलोड किया जा सकता है. दृष्टिकोण ऐप को डाउनलोड करने के बाद अपने 10 परिचित व्यक्तियों के नंबर इसमें शामिल किए जा सकते हैं. 

कैसे इस्तेमाल करें ये ऐप

ऐप को इस्तेमाल करने के बारे में बताते हुए हेमंत ने कहा कि इस ऐप को एक क्लिक से ओपन कर अपने 10 परिचितों को सूचना दे सकते हैं कि आप खतरे में हैं. ऐप आपकी लोकेशन को उक्त 10 नंबरों पर भेजेगी. वहीं एक सायरन भी उन 10 नंबर पर बजाएगी, जिससे उन्हें पता चल सकेगा कि आप मुसीबत में हैं और उनसे मदद मांग रहे हैं. इसके लिए अन्य 10 लोगों को भी यह ऐप अपने फोन में डाउनलोड करना होगा.

हेमंत ने बताया कि अगर खतरे में पड़े व्यक्ति को 5 किलोमीटर के अंदर पुलिस स्टेशन, हॉस्पिटल या एम्बुलेंस सर्विस चाहिए तो वह नंबर भी ऐप में दिए गए हैं. हेमंत ने बताया कि ऑनलाइन के अलावा अगर 10 लोगों में से जो लोग इंटरनेट किसी कारण से बंद रखते हैं तो यह ऐप ऑफलाइन होने पर भी sms सेंड कर लोकेशन का लिंक भेज देगा. हेमंत का दावा है कि इस ऐप का सही इस्तेमाल लोगों ने करीब दो महीनों से शुरू किया है और कई लोगों ने इसका इस्तेमाल कर अपने आप को सेफ भी किया है. वहीं अब वह पुलिस प्रशासन से मिलकर इस ऐप को और भी पुख्ता बनाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इसे इस्तेमाल करने वाले यूजर्स अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित फील कर सकें