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अभी भी देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ये हैं दूसरे पायदान पर…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बतौर प्रधानमंत्री अभी भी बरकरार है। इंडिया टुडे-कार्वी इंसाइट मूड ऑफ द नेशन के सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी भी देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं, उनके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का स्थान दूसरे पायदान पर है।

जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के तीसरे सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। 34 फीसदी लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी तीसरे पायदान पर 
पीएम मोदी के बाद इंदिरा गांधी का नंबर आता है। 16 फीसदी लोगों का मानना है कि इंदिरा गांधी देश की सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। वहीं तीसरे पायदान पर अटल बिहारी वाजपेयी का नंबर आता है। 13 फीसदी लोगों का मानना है कि वह देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता में तीन फीसदी की गिरावट हुई है। वर्ष 2019 के अगस्त माह में हुए सर्वे के आंकड़ों से तुलना करें तो पीएम मोदी की लोकप्रियता में तीन फीसदी की गिरावट हुई है।

6 फीसदी इंदिरा गांधी के पक्ष में 
वहीं इंदिरा गांधी के पक्ष में 16 फीसदी लोगों ने अपना वोट दिया है, जोकि पिछले वर्ष हुए सर्वे की तुलना में दो फीसदी अधिक है। बता दें कि जनवरी 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले हुए सर्वे में सिर्फ 19 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के पक्ष में वोट दिया था, जिनका मानना था कि पीएम मोदी सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। अगले आठ महीनों की बात करें तो नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में 20 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और अगस्त माह में पीएम की लोकप्रियता बढ़कर 37 फीसदी हो गई। 

इस वजह से लोकप्रियता में कमी 
माना जा रहा है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता में जो तीन फीसदी की गिरावट हुई है उसकी बड़ी वजह आर्थिक विकास की गिरती दर की वजह से लोगों में असंतोष हो सकता है। इसके अलावा बेरोजगारी, किसानों की समस्या, एनआरसी, सीएए को लेकर लोगों के बीच असंतोष भी बड़ी वजह हो सकती है। बता दें कि इंडिया टुडे ग्रुप कार्वी इंसाइट्स मूड ऑफ द नेसंश का सर्वे कुल 12141 लोगों के बीच किया गया। जिसमे 33 फीसदी लोग शहरी थे, जिसमे महिला और पुरुषों की संख्या तकरीबन आधी-आधी ही थी। यह सर्वे 19 राज्यों के 194 लोकसभा क्षेत्र में कराया गया था।