Home अन्य नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को JDU से बाहर...

नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को JDU से बाहर निकाला, पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से हुई कार्रवाई

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी ने नेता प्रशांत किशोर और पवन वर्मा को ‘विरोधी गतिविधियों’ में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बता दें कि पवन वर्मा और प्रशांत किशोर लगातार नागरिकता संशोधित कानून (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ बोल रहे थे, जिसको लेकर नीतीश कुमार ने उन्हें चेतावनी भी दी थी।

पार्टी से नाखुश नेता पवन वर्मा के लिए और असहज स्थिति पैदा करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि राजनयिक से नेता बने वर्मा के पत्र का कोई ‘महत्व और मतलब नहीं’ है। इसलिए वह जवाब के लायक नहीं है। वर्मा जदयू महासचिव के महासचिव थे। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री से जवाब मिलने के बाद ही वह पार्टी में बने रहने के बारे में कोई निर्णय लेंगे। इस पर जदयू प्रमुख कुमार ने उन्हें झिड़की लगायी थी।

इधर, जेडीयू में उपाध्यक्ष पद पर रहे प्रशांत किशोर को लेकर नीतीश कुमार ने कहा था कि बीजेपी नेता अमित शाह के कहने पर उन्हें पार्टी में शामिल किया था। इस पर प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर हमला बोल दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि आप झूठ बोलकर कहां तक गिरेंगे।

उन्होंने कहा था कि मेरे जेडीयू जॉइन करने के बारे में झूठ बोलकर आप कहां तक गिरेंगे। आपने मुझे अपने रंग में रंगने की बहुत ही तुच्छ हरकत की है। और अगर आप सच कह रहे हैं तो अब कौन विश्वास करेगा कि आप अमित शाह की बात न मानने का भी साहस कर सकते हैं?’