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दावोस जाने के भी पैसे नहीं थे पीएम इमरान खान के पास, बोले दो दोस्तों ने उठाया जाने-आने का खर्च

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इमरान खान ने कहा कि मैंने अपनी सरकार पर दो रातों के लिए 450,000 डॉलर का भुगतान करने का बोझ नहीं डाला होता।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) में अपनी भागीदारी को “सबसे सस्ती” आधिकारिक यात्रा करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा को उनके दो दोस्तों और जाने-माने व्यापारियों इकराम सहगल और इमरान चौधरी ने प्रायोजित किया था। डॉन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘ब्रेकफास्ट एट दावोस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उनकी यात्रा का खर्च पूर्व में गए नेताओं की तुलना में 10 गुना कम है।

इवेंट को पाथफाइंडर ग्रुप और मार्टिन डो ग्रुप ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था। इमरान खान ने कहा कि पिछले नवंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनकी यात्रा का खर्च 160,000 डॉलर आया था। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी (14 लाख डॉलर), पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ (13 लाख डॉलर) और शाहिद खकान अब्बासी (800,000 डॉलर) की यात्राओं से सस्ती थी।

सहगल एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी हैं और पाथफाइंडर समूह के अध्यक्ष हैं। इमरान खान ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि मुझे यहां लाने में सहगल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अन्यथा मैंने अपनी सरकार पर दो रातों के लिए 450,000 डॉलर का भुगतान करने का बोझ नहीं डाला होता। इमरान खान ने कहा कि सरकार को विदेशों में रह रहे 90 लाख से अधिक पाकिस्तानियों पर भरोसा करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरी राय में उन 90 लाख विदेशी पाकिस्तानियों की जीडीपी 200 मिलियन लोगों की पाकिस्तान (कुल) जीडीपी का लगभग 50 प्रतिशत है। इसलिए हम इस संसाधन का उपयोग कर सकते हैं और वे इन चीजों को प्रायोजित कर सकते हैं।