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आज दोपहर 12 बजे से रायपुर में रसनी टोल नाके और बोरियाखुर्द में सड़क रोकने की तैयारी, जुटेंगे किसान…

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केंद्र सरकार के कृषि संबंधी तीन विवादित कानूनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के किसान संगठन भी आज चक्काजाम करने वाले हैं। रायपुर में आरंग रोड पर रसनी के पुराने टोल नाका और पुराने धमतरी रोड पर बोरियाखुर्द के पास सड़क रोकने की तैयारी है। किसान संगठनों का इरादा दोपहर 12 बजे के बाद से सड़कों पर जमा होकर दिल्ली की सीमाओं पर सवा दो महीने से चल रहे किसान आंदोलन को समर्थन देना है।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ से जुड़े संगठनों ने शुक्रवार शाम को चक्काजाम की तैयारियों को लेकर रायपुर में बैठक की। महासंघ के डॉ. संकेत ठाकुर ने बताया, प्रत्येक जिले में एक-एक स्थान पर चक्काजाम करने का फैसला हुआ है। इसके तहत रायपुर जिला में रसनी (आरंग), बालोद जिला में दल्ली राजहरा, धमतरी, मुंगेली, बिलासपुर, महासमुंद, भिलाई, राजनांदगांव, कोरबा, अम्बिकापुर आदि क्षेत्रों में चक्काजाम किया जाएगा।

रायपुर के रसनी में हुई बैठक में वीरेंद्र पांडेय, गौतम बंद्योपाध्याय और डॉ संकेत ठाकुर ने कहा, केंद्र सरकार की ओर से कृषि सुधार के नाम पर लाए गए जनविरोधी कानूनों की वापसी एवं फसलों के MSPकी गारंटी की मांग लेकर देश भर में किसान आंदोलन हो रहे हैं। किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भाजपा द्वारा सुनियोजित ढंग से बदनाम किया जा रहा है। किसानों को आतंकवादी, नक्सली, आदि बताकर अन्नदाता को अपमानित किया जा रहा है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बोरियाखुर्द में ट्रेड यूनिअन कार्यकर्ता रोकेंगे यातायात

सीटू के राज्य सचिव धर्मराज महापात्र ने बताया, केंद्र सरकार के किसान आंदोलन विरोधी रुख के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए कल पुराने धमतरी रोड पर बोरियाखुर्द में चक्काजाम होगा। इसमें ट्रेड यूनिअन, जनसंगठन और नागरिक संगठओं के साथ रंगकर्म, कला, साहित्य से जुड़े संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

चक्काजाम को कांग्रेस का भी समर्थन

कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने शुक्रवार शाम कहा, कांग्रेस ने कल के किसान चक्काजाम को समर्थन दिया है। पूरे देश में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करेंगे। इससे प्रधानमंत्री को बताना है कि वे कब अन्नदाता के बारे में सोचेंगे और कब अपने उद्योगपित मित्रों के बारे में सोचना बंद करेंगे।