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रायपुर : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति, स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग से संबंधित 39025 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगे पारित

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति, स्कूल शिक्षा और सहकारिता विभाग से संबंधित वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा प्रस्तुत 39025 करोड़ 45 लाख 11 हजार रूपए की अनुदान मांगों को पारित किया गया । इसमें आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग से संबंधित 33604 करोड़ 43 लाख 46 हजार, स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित 5177 करोड़ 14 लाख 73 हजार और सहकारिता विभाग से संबंधित 243 करोड़ 86 लाख 92 हजार रूपए की अनुदान मांगे शामिल हैं।

आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2021-22 में नवीन मद के रूप में नवनिर्मित आदिवासी संग्रहालय नवा रायपुर अटल नगर में निर्मित 15 गैलरियों में राज्य की पिछड़ी जनजातियों की विशिष्ट संस्कृति से संबंधित शिल्पकृति के प्रदर्शन के लिए 100 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। नवनिर्मित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर के प्रशासकीय भवन की आंतरित साज-सज्जा के लिए 50 लाख रूपए, स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ प्रदेश की अनुसूचित जाति का गौरवशाली इतिहास रहा है। इनकी गौरवगाथा अक्षुण्ण रखने और वर्तमान भावी पीढ़ियों को उससे परिचित कराने के लिए नवा रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण की कुल लागत 2568 लाख रूपए है। इस वित्तीय वर्ष में नवीन मद के रूप में इसमें 5 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

सरकार द्वारा चर्म शिल्प का कार्य करने वाली जातियों के आर्थिक उत्थान को ध्यान में रखते हुए चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के गठन प्रस्तावित है। चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड की स्थापना के लिए बजट में 10 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है। इसी प्रकार प्रदेश में पारम्परिक रूप से तेल की पिराई करने वाले समुदायों की व्यवसायिक दक्षता का विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और उनकी सामाजिक समस्याओं और शिकायतों को दूर करने के उद्देश्य से पहली बार राज्य में तेलघानी विकास बोर्ड का गठन का प्रावधान बजट में किया गया है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा रजककार विकास बोर्ड के गठन के लिए 10 लाख रूपए, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के लिए भी 10 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग के लिए प्रस्तुत बजट में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के लिए 643 करोड़ 37 लाख 55 हजार रूपए, मुख्यमंत्री अमृत योजना (सोयामिल्क अतिरिक्त पोषण आहार) के लिए 5 करोड़ 71 लाख रूपए, प्राथमिक शाला में टाटपट्टी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की फर्नीचर के लिए 4 करोड़ 93 लाख रूपए, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान सामग्री में 13 करोड़ 75 लाख रूपए, अशासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं के लिए 288 करोड़ 41 लाख रूपए, प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में इमारतों के अनुरक्षण एवं मरम्मत सुविधाओं के लिए 60 करोड़ 15 लाख रूपए, छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के लिए 3 करोड़ रूपए, मॉडल शाला योजना के लिए 30 करोड़ 76 लाख रूपए, सैनिक स्कूल के लिए 3 करोड़ 80 लाख रूपए, सैनिक स्कूल में बालिकाओं के प्रवेश हेतु आवश्यक अधोसंरचना निर्माण कार्य के लिए 2 करोड़ 48 लाख 50 हजार रूपए, पुस्तकालय योजना के लिए एक करोड़ 54 लाख रूपए, स्काउट गतिविधियों के लिए एक करोड़ रूपए अनुदान,

एकीकृत अम्ब्रेला योजना के लिए 53 करोड़ 10 हजार रूपए, राज्य साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3 करोड़ 3 लाख रूपए, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के लिए 49 करोड़ 5 लाख 80 हजार रूपए, समग्र शिक्षा अभियान के लिए 1480 करोड़ रूपए, अशासकीय विद्यालयों को शिक्षण शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए 87 करोड़ 18 लाख 56 हजार रूपए, युवा कैरियर निर्माण योजना के लिए 53 लाख रूपए, विद्यार्थी दुर्घटना बीमा योजना के लिए 4.50 करोड़ रूपए, स्कूलों में फर्नीचर के लिए 64 करोड़ 32 लाख रूपए, स्वच्छता सामग्री हेतु 10 करोड़ 32 लाख 20 हजार रूपए, ई-लर्निंग केन्द्र के लिए 5 करोड़ रूपए, खेलकूद गतिविधियों के लिए 11 करोड़ रूपए, एनसीसी के लिए 26 करोड़ 24 लाख रूपए, संस्कृत विद्यामण्डलम के लिए 3 करोड़ 58 लाख 30 हजार रूपए, पंजीकृत मदरसो के लिए 4 करोड़ 50 लाख रूपए, शिक्षा आयोग के लिए 25 लाख 10 हजार रूपए, निःशुल्क गणवेश के लिए 76 करोड़ 47 लाख रूपए, शिक्षक पंचायत हेतु अनुदान 22 करोड़ रूपए, सरस्वती सायकिल योजना के लिए 64 करोड़ 60 लाख रूपए, निःशुल्क पाठ्य पुस्तक के लिए 108 करोड़ 68 लाख रूपए, आश्रम शालाओं के लिए 74 करोड़ 35 लाख 40 हजार रूपए, विशेष पिछड़ी जनजाति आश्रम के लिए 24 लाख 45 हजार रूपए, कन्या शिक्षा प्रोत्साहन के लिए 6 करोड़ रूपए, राजय छात्रवृत्ति के लिए 165 करोड़ रूपए, मुख्यमंत्री ज्ञान प्रोत्साहन के लिए 1 करोड़ 50 लाख रूपए, छात्रवृत्ति के लिए 6 करोड़ रूपए, अस्वच्छता धंधा छात्रवृत्ति के लिए 3 करोड़ रूपए, पढ़ना लिखना अभियान के लिए 5 करोड़ 85 लाख रूपए, कन्या शिक्षा परिसर के लिए 15 करोड़ 10 लाख 75 हजार रूपए, गुरूकुल विद्यालय के लिए 3 करोड़ 1 लाख 80 हजार, शिक्षक पुरस्कार के लिए 86 लाख 83 हजार रूपए, विज्ञान केन्द्र भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रूपए, शालाओं के अतिरिक्त आवश्यक कार्य के लिए 21 करोड़ 88 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है।

सहकारिता विभाग के लिए प्रस्तुत बजट में प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटीयों का पुनर्गठन के लिए नवीन मद के अंतर्गत 3.63 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। वर्ष 2021-22 के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य 5900 करोड़ रूपए रखा गया है। प्रदेश की सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा, पण्डरिया, बालोद और अंबिकापुर में पी.पी.पी. मॉडल से एथेनॉल प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। सहकारी शक्कर कारखाना अंबिकापुर में 20 के.एल.पी.डी क्षमता का एथेनॉल प्लांट स्थापित करना प्रस्तावित है। प्रदेश के कोण्डागांव जिले में 300 मीट्रिक टन क्षमता के मक्का प्रसंस्करण इकाई की स्थापना 136.62 करोड़ रूपए से की जा रही है। इसके लिए वर्ष 2021-22 के बजट से राज्य शासन की अंशपूजी के रूप में 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक तथा 12 जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण विकास बैंकों का संविलियन भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक एवं 6 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में किया गया है। इसके लिए वर्ष 2021-22 के बजट अनुमान में 27 करोड़ 01 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में पंजीकृत सभी 2058 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के कम्प्यूटरीकरण के लिए बजट में 10 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।