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भारत को मिली तीसरी कोरोना वैक्सीन, Sputnik V के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी: सूत्र

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भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण (Central drug authority) की एक विशेषज्ञ समिति (Expert committee) ने देश में कुछ शर्तों के साथ रूस के कोविड रोधी टीके ‘स्पूतनिक वी’ (Sputnik V) के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देने की सिफारिश की है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने ‘स्पूतनिक वी’ के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दिए जाने के डॉ. रेड्डीज लैबोरैटरीज के आवेदन पर सोमवार को संज्ञान लिया।

भारत का औषधि महानियंत्रक (DCGI) इस सिफारिश पर अंतिम निर्णय लेगा। यदि इस टीके को मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत में उपलब्ध तीसरा कोविड-19 रोधी टीका होगा। सूत्रों ने कहा कि देश में आपात इस्तेमाल के लिए इस टीके का रूस से आयात किया जाएगा। डॉ. रेड्डीज ने पिछले साल सितंबर में इस टीके के चिकित्सकीय परीक्षण और भारत में इसके वितरण अधिकार के लिए ‘रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड’ (RDIF) के साथ भागीदारी शुरू की थी।

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देश में भारत बायोटेक के ‘कोवैक्सीन’ और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रोजनेका के ‘कोविशील्ड’ टीके को पहले ही आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। ‘स्पूतनिक वी’ के तीसरे चरण के परीक्षण के अंतरिम विश्लेषण में इसके 91.6 प्रतिशत प्रभावी होने की बात सामने आई जिसमें रूस के 19,866 स्वयंसेवियों पर किए गए परीक्षण का डेटा शामिल किया गया।

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स्पुतनिक वी को गेमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रबायोलॉजी ने विकसित किया है, यह भी एस्ट्राजेनेका की तरह ही दो डोज वाली वैक्सीन है। हालांकि इस वैक्सीन को लेकर सबसे बड़ा चैलेंज इसकी स्टोरेज को लेकर है। Sputnik V को -18 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखना होता है।