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लॉकडाउन में कुम्हारों की मेहनत पर फिरा पानी बाजार बंद, भरी गर्मी में नही बिक रहा घड़ा, कमाई के समय में बेरोजगारी

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बालाघाट- इस वर्ष भी गर्मी के दिनों में कोरोना लॉकडाउन के चलते कुम्हारों का व्यापार चौपट हो गया है। कुम्हारों द्वारा गर्मी के मौसम को देखते हुए ठंडे मटके बनाकर तैयार किए गए है। लेकिन दो सप्ताह भर से अधिक समय से लॉकडाउन के चलते बाजार बंद पड़ा हुआ है और कोई व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल रहा है। इससे ठंडे घड़े का व्यापार भी बंद पड़ा हुआ है।
इस वर्ष कुम्हारों के पास से कलश भी विक्रय नहीं हो पाए हैं।
गौरतलब है कि कुम्हारों से शासकीय विभागों व सामाजिक संगठनों के द्वारा भी गर्मी के दिनों में शीतल प्याऊ खोलने बड़ी मात्रा में ठंडे मटकों की खरीदी की जाती थी। लेकिन इस वर्ष शासकीय प्याऊ भी नहीं खोले गए हैं। कुम्हारों द्वारा गर्मी को देखते हुए घरों में मटके तैयार किए गए हैं। लेकिन बाजार बंद होने से बिक नहीं पा रहा है जिससे कुम्हारों को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संघ लॉकडाउन के चलते मटका का व्यापार ठंडा पड़ा हुआ है। बिक्री नहीं होने से आर्थिक संकट का। सामना करना पड़ रहा है।