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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कृपा से प्रदेश के बुनकरों को कोरोना महामारी के दौरान भी लगातार किए गए रोजगार प्रदान – मोतीलाल देवांगन

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रायपुर– राज्य के बुनकरों के वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि का एक महत्वपूर्ण निर्णय निदेशक मंडल में लिया गया है। विगत 15 जून 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, मर्यादित रायपुर के अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन ने बैठक कर हथकरघा संघ के उपयोग, बुनकरों के वेतन भुगतान और वर्दी सिलाई कार्य के बारे में गहन चर्चा की। चर्चा के दौरान अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि पिछले डेढ़ साल से पूरी दुनिया कोरोना संक्रमण की महामारी से जूझ रही है और छत्तीसगढ़ की तरह देश में भी हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया में कई लोगों की नौकरी चली गई। संकट की इस घड़ी में भी राज्य के बुनकरों को नियमित रोजगार देकर आपने जो सहयोग दिया है, उसके लिए राज्य भर के बुनकर हमेशा आपके आभारी रहेंगे। अगले कुछ महीनों में सरकार को कपड़ा आपूर्ति के तहत उत्पादन का काम पूरा होने जा रहा है और इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिवर्ष दिए जाने वाले कार्य आदेश अतिशीघ्र देकर बुनकरों को निरंतर रोजगार से जोड़ने का आग्रह किया गया है. वहीं इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने जल्द ही कार्य सौपे जाने का आश्वासन दिया. इसके साथ ही देवांगन ने बताया कि सरकार के वस्त्रादेश के तहत लगभग 60 हजार बुनकरों को नियमित रोजगार से जोड़ा गया है और स्वयं सहायता समूहों की करीब 500 महिलाओं को कपड़े सिलने के माध्यम से रोजगार प्रदान किया गया है. वहीं कोरोना महामारी की वजह से बार बार लॉकडाउन के कारण संचालक मंडल की बैठक कई बार स्थगित करनी पड़ी, लेकिन 09 जून 2021 को संचालक मंडल की बैठक संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय बुनकरों के हित में लिए गए। वहीं संचालक मंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों से संबधित कार्यवाही के विवरण की प्रति के साथ संबंधित के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सौंपे गए हैं। संचालक मंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों में सबसे अहम बात यह है कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए बुनकरों के वेतन में 20 फीसदी की बढ़ोतरी करने का फैसला किया गया है. वहीं चर्चा के दौरान हथकरघा संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोतीलाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीब लोगों और बुनकरों के हित में काम करते हुए उन्हें नियमित रोजगार मुहैया कराया जा रहा है. वहीं विपक्षी तत्व हर तरह का झूठा प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने राज्य के बुनकरों को इस भ्रम में न आने की सलाह देते हुए कहा कि भाजपा के 15 साल के शासन में न तो बुनकरों को नियमित रोजगार मिला और न ही बुनकरों की मजदूरी और सिलाई में वृद्धि हुई, जबकि मेरे छोटे से कार्यकाल में स्वयं सहायता समूह की सिलाई में 20 प्रतिशत तक बढ़ाने और बुनकरों के वेतन में दो साल बाद फिर से 20 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है। 

छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कृपा से महिला एवं बाल विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पहली बार हथकरघा संघ को सरकार द्वारा 4 लाख साड़ियों की क्रय आदेश मिला, जिसकी बदौलत लगभग 5000 अतिरिक्त बुनकरों को रोजगार से जोड़ा गया। इसी प्रकार कोसा क्षेत्र के बुनकरों को कोसा रेशमी कपड़े के 800 करघों के माध्यम से 4000 लोगों को रोजगार से जोड़ा गया। यह एक उत्कृष्ट उपलब्धि है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री व ग्रामोद्योग मंत्री से शिकायत की थी कि उन्हें काम दिलाने के बदले पैसे की मांग की जा रही है. उक्त शिकायत पर स्पष्टीकरण देते हुए मोतीलाल देवांगन ने कहा कि इस तरह के आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और हथकरघा संघ को बदनाम करने की साजिश है. दरअसल मुख्यमंत्री की कृपा से राज्य में बुनकरों को नियमित रोजगार और सिलाई के माध्यम से महिलाओं को रोजगार मिलने के कारण विरोधी तत्व इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं और झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाने में लगे हुए हैं।