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न्याय का नया दौर:छत्तीसगढ़ में 12 लाख भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को नगदी देगी सरकार, इसी वित्तीय वर्ष से लागू होगी राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

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रायपुर – छत्तीसगढ़ में किसानों को हर साल इनपुट सहायता के तौर पर नगदी देने की न्याय योजना का दूसरा दौर जल्दी ही शुरू हो सकता है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ग्रामीण अंचल के भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक मदद देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना को इसी वित्तीय वर्ष से लागू करने की घोषणा की है। प्रदेश के 12 लाख खेतिहर मजदूरों को इसका फायदा होगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कृषि, जल संसाधन, राजस्व, वन विभाग के कार्याें की समीक्षा के दौरान राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस बैठक में कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा, चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों के बैंक खातों में राशि दी जाएगी। बाद में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में यह राज्य की तीसरी ऐसी महत्वपूर्ण योजना है, जिसके जरिए हम ग्रामीण भूमिहीनों मजदूरों को सीधे मदद देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित राजीव गांधी किसान न्याय योजना और गोधन न्याय योजना दो ऐसी योजनाएं हैं, जिनकी चर्चा देश-दुनिया में हो रही है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए किसानों को फसल विविधीकरण एवं उत्पादन व उत्पादकता को बढ़ाने के लिए इनपुट सब्सिडी के रूप में बहुत बड़ी धन राशि दे रहे हैं। गोधन न्याय योजना के जरिए हम राज्य के गोपालकों, किसानों से दो रुपए किलो की दर से गोबर की खरीदी कर उन्हें सीधे लाभ दे रहे हैं।

रेगहा पर किसानी करने वालों को फायदा होगा

बताया जा रहा है कि इस योजना का फायदा छत्तीसगढ़ के उन लाखो भूमिहीन किसानों को भी होगा, जो रेगहा अथवा बटाई पर खेत लेकर फसल उगाते हैं। सरकार की पिछली, राजीव गांधी किसान न्याय योजना में रेगहा पर खेती करने वालों को फायदा नहीं मिलता है। धान के सीजन में मैदानी क्षेत्र के हजारों परिवार रेगहा पर खेती करने के लिए दूसरे प्रदेशों से गांव लाैटते हैं।

सरकार ने पहले ही की थी घोषणा

भूमिहीन खेतिहर मजदूरों के लिए ऐसी योजना की घोषणा सरकार पहले भी कर चुकी है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की घोषणा के समय भी कृषि मजदूरों के लिए नगद सहायता पहुंचाने की ऐसी योजना पर चर्चा हुई थी। बताया जा रहा है कि कोरोना काल में आर्थिक गतिविधियां ठप्प हो जाने और धान खरीदी से केंद्र के पीछे हट जाने के बाद राज्य सरकार इस योजना पर आगे नहीं बढ़ पाई थी।

इधर, 30 सितम्बर तक किसान न्याय योजना का पंजीयन

छत्तीसगढ़ सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना को मई महीने में नए स्वरूप में लागू किया। इसके मुताबिक खरीफ फसलों पर किसानों को प्रति एकड़ 9 से 10 हजार रुपए की इनपुट सहायता मिलनी है। इसके लिए किसानों को न्याय योजना के लिए बनाई गई वेबसाइट और समितियों में पंजीयन कराना होगा। यह प्रक्रिया एक जून से चल रही है। पंजीयन की प्रक्रिया 30 सितम्बर तक जारी रहेगी। किसान न्याय योजना केवल भू-स्वामी किसानों और वनभूमि के पट्‌टाधारियों के लिए ही है।