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यह गलत है सरकार!:पहली पोस्टिंग पर सारंगढ़ भेजी गई थी 2019 बैच की आईएएस रेना जमील, स्थानीय राजनीति की वजह से जॉइन ही नहीं कर पाईं, अब सक्ती भेजी गईं

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छत्तीसगढ़ में सामान्य प्रशासन विभाग के एक फैसले ने एक युवा आईएएस अफसर को करियर की शुरुआत में ही प्रशासन में राजनीतिक दखलअंदाजी का प्रोटोटाइप दिखा दिया है। सरकार ने 2019 बैच की आईएएस रेना जमील को सारंगढ़ के एसडीएम के रूप में पहली पोस्टिंग दी थी। रेना वहां पहुंची, लेकिन स्थानीय राजनीतिक हितों की वजह से वे जॉइन नहीं कर पाईं। अब उन्हें जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती भेजा गया है।

राज्य सरकार ने 30 जून को पांच युवा आईएएस अधिकारियों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली पोस्टिंग दी। बस्तर में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर रहीं रेना जमील को रायगढ़ जिले में सारंगढ़ का एसडीएम बनाकर भेजा गया। रायगढ़ का सारंगढ़ अनुविभाग नए आईएएस अफसरों के लिए ही आरक्षित है। आदेश मिलने के कुछ दिन बाद रेना जमील वहां पहुंच भी गईं, लेकिन जॉइन नहीं कर पाईं। कहा जा रहा है स्थानीय कांग्रेस नेता एसडीएम के रूप में किसी आईएएस की नियुक्ति से बेचैन थे। स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपनी आपत्ति पहुंचाई। कहा जा रहा है, मुख्यमंत्री के कहने पर रेना को वापस बुला लिया गया। पिछले दिनों सामान्य प्रशासन विभाग ने एक नया आदेश जारी कर रेना जमील का ट्रांसफर सारंगढ़ से जांजगीर-चांपा जिले के सक्ती में कर दिया। सक्ती में भी उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बनाया गया है। सारंगढ़ में अभी नंद कुमार चौबे जिम्मेदारी पर बने रहेंगे।

भाजपा नेताओं ने लगाया आरोप

पूर्व आईएएस और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने आरोप लगाया, 2019 बैच की आईएएस रेना जमील को कांग्रेसी नेताओं के दबाव में सारंगढ़ एसडीएम का चार्ज नहीं दिया गया। सारंगढ़ पालिका चुनाव के कारण, कांग्रेसी नेता नहीं चाहते थे कि एसडीएम कोई आईएएस बने। इसलिए 12 दिनों मे ही उन्हें हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। चौधरी ने कहा, मरवाही उप चुनाव के समय भी 2017 बैच के आईएएस मयंक चतुर्वेदी को एसडीएम के पद से हटाकर कलेक्ट्रेट में बैठा दिया गया था।

यहां हुई थी इन पांच अफसरों की तैनाती

राज्य सरकार ने 30 जून को 2019 बैच के पांच युवा आईएएस अफसरों को उनकी पहली पोस्टिंग का आदेश जारी कर दिया। इनमें रायपुर में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर नम्रता जैन को महासमुंद का एसडीएम और दुर्ग में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर रहे जितेंद्र यादव को कांकेर जिले में भानुप्रतापपुर का एसडीएम बनाया गया। बिलासपुर में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर रहे ललितादित्य नीलम को राजनांदगांव के मोहला का एसडीएम बनाकर भेजा गया। रेना जमील को रायगढ़ के सारंगढ का एसडीएम बनाया गया। सरगुजा में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर रहे विश्वदीप को गरियाबंद का एसडीएम बनाया गया।

2019 बैच में पांच अफसर मिले थे

केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में आईएएस अफसरों का कैडर अलॉट किया था। इसमें पांच अफसर छत्तीसगढ़ को मिले थे। उस बैच से छत्तीसगढ़ के दो अफसरों से केवल नम्रता जैन को होम कैडर मिल पाया था। छत्तीसगढ़ कैडर में आए शेष अफसरों में से जीतेंद्र यादव हरियाणा से हैं। ललितादित्य नीलम तेलंगाना से, विश्वदीप उत्तर प्रदेश से और रेना जमील झारखंड से हैं।