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आज से जंतर-मंतर पर चलेगी ‘किसान संसद’, प्रदर्शन में शामिल होंगे 200 अन्नदाता, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को आखिरकार दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को हरी झंडी मिल गई है। किसान आज से जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा के बीच ‘किसान संसद’ शुरू करेंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए सिंघु बॉर्डर से लेकर जंतर-मंतर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। जगह-जगह पुलिस की तैनाती है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने नौ अगस्त तक अधिकतम 200 किसानों को प्रदर्शन की विशेष अनुमति दे दी है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 200 किसानों का एक समूह पुलिस की सुरक्षा के साथ बसों में सिंघू सीमा से जंतर-मंतर आएगा और वहां दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे तक विरोध प्रदर्शन करेगा।

9 अगस्त तक प्रदर्शन की मंजूरी
दिल्ली पुलिस के सूत्र ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान यूनियनों का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) को इस बारे में एक शपथ-पत्र देने के लिए कहा गया है कि सभी कोविड नियमों का पालन किया जाएगा और आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। वहीं, एसकेएम ने कहा कि संसद का मॉनसून सत्र यदि 13 अगस्त को समाप्त होगा, तो जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन भी अंत तक तक जारी रहेगा। हालांकि उपराज्यपाल ने नौ अगस्त तक प्रदर्शन की अनुमति दी है।

हर दिन 200 किसानों की एंट्री
इस साल 26 जनवरी को एक ट्रैक्टर रैली के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के बाद यह पहली बार है जब अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन करने वाले किसान यूनियनों को शहर में प्रवेश की अनुमति दी है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, उपराज्यपाल अनिल बैजल, जो डीडीएमए के अध्यक्ष भी हैं, ने बृहस्पतिवार से 9 अगस्त तक हर दिन अधिकतम 200 किसानों द्वारा पूर्वाह्न 11 बजे से शाम पांच बजे तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की मंजूरी दी है।

आदेश में कहा गया है, ‘उन्हें निर्दिष्ट बसों द्वारा पुलिस सुरक्षा के बीच निर्धारित मार्ग से लाया जाएगा तथा उन्हें कोविड-उपयुक्त व्यवहार (मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना, नियमित रूप से हाथ धोना और सैनिटाइटर आदि का उपयोग करना) और भारत सरकार और दिल्ली सरकार द्वारा समय-समय पर कोविड​​​​-19 महामारी के संबंध में जारी अन्य सभी दिशानिर्देशों / निर्देशों / मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्त अनुपालन करना होगा।’ जंतर-मंतर पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली बॉर्डर से जंतर-मंतर तक करीब 100 कंपनियों की तैनाती की गई है।

कई दौर की बातचीत के बाद निकला रास्ता
डीडीएमए के एक आदेश के तहत राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित होने की वर्तमान में अनुमति नहीं है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि एसकेएम और किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के साथ कई दौर की बातचीत के बाद, लिखित में आश्वासन दिये जाने पर कि वे शांति बनाए रखेंगे, डीडीएमए की मंजूरी के साथ उन्हें सीमित संख्या में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है। दिल्ली पुलिस ने बयान में कहा कि एसकेएम के लिए प्रदर्शनकारियों की संख्या 200 से अधिक नहीं होगी और केएमएससी के लिए छह लोग रोजाना पूर्वाह्न 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन में हिस्सा ले सकते हैं।