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बस्तर में ‘ऑपरेशन मानसून’ के 65 दिन:उफनती नदियों को पार कर नक्सलियों की मांद में घुस रहे जवान; अब तक 25 लाख रुपए के 11 इनामी ढेर

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छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ पुलिस ऑपरेशन मानसून चला रही है। ऐसे में लगातार जवान उफनती नदी-नाले, पहाड़ सहित घने जंगलों को पार कर नक्सलियों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं। इस ऑपरेशन के अब तक 65 दिन हो चुके हैं और अलग-अलग जिलों में पुलिस को कई बड़ी सफलताएं भी मिली है। जवानों ने अब तक 25 लाख रुपए से ज्यादा के 11 इनामी नक्सलियों को ढेर किया है।

नक्सलियों के शहीदी सप्ताह के दौरान भी जवान लगातार सर्चिंग कर रहे थे।

नक्सलियों के शहीदी सप्ताह के दौरान भी जवान लगातार सर्चिंग कर रहे थे।

बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ 1 जून से इस अभियान की शुरुआत की गई है। दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर सहित अन्य जिलों के बीहड़ों में जवान लगातार सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं। इन्हीं जिलों में DRG जवानों का एक उफनती नदी को पार करते हुए का वीडियो सामने आया है। इसमें जवानों के विपरीत परिस्थितियों से लड़ कर नक्सलियों से संघर्ष की तस्वीर स्पष्ट होती है।

महिला कमांडोज भी कर रही सर्चिंग
दंतेवाड़ा जिले में महज 2 साल पहले DRG महिला कमांडोज का बल तैयार किया गया था। जिसका नाम दंतेश्वरी फाइटर्स रखा गया। इस टीम में कई सरेंडर महिला नक्सली भी शामिल है। इन महिला कमांडोज को नक्सलियों के खिलाफ लोहा लेने की ट्रेनिंग भी दी गई थी। दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडोज भी लगातार सर्चिंग कर रही है। उफनती नदियों को पार करने महिला कमांडोज भी पीछे नहीं हट रही है।

बारिश के मौसम में ज्यादातर नक्सली एक ही जगह कैंप लगा कर अपना डेरा जमाए हुए रहते हैं।

बारिश के मौसम में ज्यादातर नक्सली एक ही जगह कैंप लगा कर अपना डेरा जमाए हुए रहते हैं।

क्या है पुलिस का मानसून अभियान
ठंड और गर्मी के मौसम में नक्सली लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। लेकिन, बारिश के मौसम में ज्यादातर नक्सली एक ही जगह कैंप लगा कर अपना डेरा जमाए हुए रहते हैं। ऐसे में पुलिस को भी नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन को सफल बनाने में आसानी होती है। हालांकि उनके ठिकानों तक पहुंचने के लिए जवानों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। उफनती नदी-नालों , फिसलन भरी चट्टानों को पार कर फोर्स बस्तर के बीहड़ो में घुसती है। पिछले कुछ सालों में मानसून में ही पुलिस को ज्यादा कामयाबी मिली है।

जानिए किस जिले में कब और कितने माओवादी हुए ढेर

  • 1 जून को कांकेर व कोंडागांव जिले के सरहदी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में जवानों ने 5-5 लाख रुपए के दो इनामी नक्सलियों को ढेर किया था।
  • 18 जून जगदलपुर-सुकमा बॉर्डर के चांदामेटा की मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मंगली ढेर हुई थी।
  • 20 जून को नारायणपुर जिले के ओरछा के जंगलों में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में नक्सलियों के माड़ डिवीजन के 2 पुरूष माओवादियों को मार गिराया था।
  • 27 जून को दंतेवाड़ा DRG के जवानों ने पोरदेम के जंगलों में 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली संतोष को ढेर किया था।
  • 1 जुलाई को सुरक्षबलों की नक्सलियों के कांगेर घाटी एरिया कमेटी के साथ हुई मुठभेड़ में 3 लाख रुपए के एक पुरुष माओवादी जोगा को ढेर किया गया था।
  • 15 जुलाई को दंतेवाड़ा की ढोलकल की पहाड़ियों के पीछे हुई मुठभेड़ में नक्सली बिरजू, जग्गू व अजय को ढेर किया गया था। इनमें एक 5 लाख रुपए का इनामी भी शामिल है।
  • 25 जुलाई को सुकमा पुलिस ने चिंतागुफा इलाके में मुठभेड़ में 1 लाख रुपए के इनामी नक्सली कुंजाम भीमा को को ढेर किया था।