Home छत्तीसगढ़ पर्यावरण सरंक्षण के लिए कार्बन उत्सर्जन कम करना जरूरी : मंत्री अकबर

पर्यावरण सरंक्षण के लिए कार्बन उत्सर्जन कम करना जरूरी : मंत्री अकबर

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

 वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्बन उत्सर्जन को कम करना जरूरी है। उन्होंने कहा है कि ऊर्जा की आवश्यकता के लिए संसाधनों का उपयोग करते हुए ऊर्जा के नवीकरणीय विकल्पों के लिए एक व्यापक एवं संतुलित कार्ययोजना जरूरी है। मोहम्मद अकबर के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को राज्य योजना आयोग द्वारा नवा रायपुर के योजना भवन में कार्यशाला आयोजित हुई।

कार्यशाला का विषय था ‘छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोयले के बजाय नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने पर पड़ने वाले प्रभाव‘। इस कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने की। खाद्य मंत्री ने कहा कि हमें भविष्य के लिए ऊर्जा की जरूरत एवं ऊर्जा के विकल्पों के लिए दीर्घकालीन योजना बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में लगभग 88 हजार लोगों की आजीविका कोयला उत्खनन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक रूप से निर्भर है। इसलिए इस पर विचार करने से पहले समस्त पहलुओं पर भी विचार करने की आवश्यकता है। कार्यशाला में प्रतिभागीयों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रारंभ में राज्य योजना आयोग के सदस्य डॉ. के सुब्रमण्यम ने कार्यशाला की पृष्ठभूमि एवं उद्ेश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।