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NFHS-5 रिपोर्ट: भारत में 7.5% परिवारों के पास अपनी कार, गोवा पहले और बिहार आखिरी नंबर पर

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राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-21 (NFHS-5) की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 7.5% परिवारों के पास अपनी खुद की कार है. बीते 4 वर्षों में यह संख्या 1.5% बढ़ी है. साल 2018 में यह आंकड़ा 6% था. राज्यवार बात करें तो इस मामले में गोवा पहले, केरल दूसरे और अविभाजित जम्मू-कश्मीर तीसरे स्थान पर है. गोवा के 45.2% परिवारों के पास अपनी खुद की कार है. केरल में यह आंकड़ा 24.2% और जम्मू-कश्मीर में 23.7% है.

हिमाचल प्रदेश में 22.1% परिवारों के पास अपनी कार है, पंजाब में यह आंकड़ा 21.9% और नागालैंड में 21.3% है. सिक्किम में 20.9% परिवारों के पास अपनी कार है. इस मामले में पहाड़ी और पूर्वोत्तर के राज्य सबसे आगे हैं. अरुणाचल प्रदेश में 19.3%, मणिपुर में 17.0%, मिजोरम में 15.5%, मेघालय में 12.9%, असम में 8.1% परिवारों के पास अपनी कार है. पहाड़ी राज्यों में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के बाद उत्तराखंड में 12.7% परिवारों के पास अपनी कार है.

दिल्ली में 19.4% परिवारों के पास अपनी कार
देश की राजधानी दिल्ली में 19.4% परिवारों के पास अपनी कार है. हरियाणा में 15.3% परिवारों के पास कार है. आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सिर्फ 5.50% परिवारों के पास अपनी कार है. बिहार में सबसे कम परिवारों के पास अपनी कार है. इस राज्य के सिर्फ 2.0 प्रतिशत परिवार अपनी खुद की कार रखते हैं. इसके बाद ओडिशा का नंबर आता है. ओडिशा के 2.7% परिवार कार रखते हैं.

​बिहार के बाद बंगाल और ओडिशा का नंबर है
पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में 2.8%, झारखंड में 4.1 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 5.3 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 4.3 प्रतिशत, तेलंगाना में 5.2%, तमिलनाडु में 6.5%, कर्नाटक में 9.1%, महाराष्ट्र में 8.7%, राजस्थान में 8.2% और गुजरात में 10.9% परिवारों के पास अपनी खुद की कार मौजूद है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण एक विस्तृत सर्वे प्रक्रिया है, जिसके तहत सरकार हर दो साल के अंतराल पर भारतीय घरों में विभिन्न क्षेत्रों से आंकड़े इकट्ठा ​करती है. इसके आधार पर सरकार अपनी जनहित नीतियां और योजनाएं बनाती है