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15 August 2022 पर शिवराज का ऐलान- CM Awas Yojana में ‘सबको’ देंगे मकान, मेधावी बच्चों की फीस भरेगी हमारी सरकार

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CM Shivraj Singh Chauhan announcements on Independence Day 2022: इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी सरकार निचले स्तर पर न्यायपालिका पर बोझ कम करने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों समेत एक लाख मामूली मुकदमों को वापस लेगी।

मुख्य बातें

  • मध्य प्रदेश में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस
  • CM ने भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी
  • हर तरफ दिखा तिरंगा और गूंजे जोशीले तराने

CM Shivraj Singh Chauhan announcements on Independence Day 2022: स्वतंत्रता दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यवासियों के लिए बड़े ऐलान किए। सूबे की राजधानी भोपाल में सोमवार (15 अगस्त, 2022) को वह बोले कि सीएम जन आवास योजना का फायदा हर जरूरतमंद को मिलेगा। साथ ही पढ़ाई में अच्छे रहने वाले बच्चों की फीस प्रदेश सरकार भरेगी।   

बकौल शिवराज, “मैं आज सबके लिए मुख्यमंत्री जन आवास योजना की घोषणा करता हूं। वो लोग जो प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र नहीं है लेकिन जिनके लिए मकान की आवश्यक्ता है, उनके लिए मकान बनाने का काम मध्य प्रदेश सरकार करेगी।”

असम एक लाख मामूली मुकदमे वापस लेगा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को घोषणा की कि उनकी सरकार निचले स्तर पर न्यायपालिका पर बोझ कम करने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों समेत एक लाख मामूली मुकदमों को वापस लेगी। गुवाहाटी में 76वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए शर्मा ने कहा कि निचली अदालतों में करीब चार लाख मुकदमें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 14 अगस्त 2021 की मध्यरात्रि से पहले दर्ज मामूली मुकदमों को वापस लेने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘इससे न्यायपालिका दुष्कर्म और हत्या जैसे अधिक जघन्य अपराधों पर ध्यान केंद्रित कर पाएगी।’’ 

असम को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए शर्मा ने कहा कि जो लोग अब भी ‘संप्रभुत्ता’ का ख्वाब देख रहे हैं, उन्हें वार्ता की मेज पर लौटना चाहिए। उन्होंने उग्रवादी समूहों उल्फा (आई) और एनएससीएन को प्रत्यक्ष रूप से संदेश देते हुए कहा, ‘‘संप्रभुत्ता पर समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है और असम कभी भारत को नहीं छोड़ेगा।’’ दरअसल, इन उग्रवादी समूहों ने स्वतंत्रता दिवस समारोहों का ‘‘बहिष्कार’’ करने और असम समेत पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में ‘‘पूर्ण बंद’’ का आह्वान किया है।