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पिलर पर टिका है दुनिया का सबसे छोटे देश, जहां रहते हैं सिर्फ 24 लोग, इसे किसने बसाया पढ़िए पूरी खबर

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आपने शायद आज तक दुनिया के सबसे छोटे देश के बारे में ना सुना हो. या फिर अगर आप दुनिया के सबसे छोटे देश के बारे में जानते भी होंगे, तो आप आज तक वैटिकन सिटी (Vatican City) को ही दुनिया का सबसे छोटा देश समझते आ रहे होंगे. हालांकि, ऐसा नहीं है. दुनिया में इससे भी एक छोटा देश है, जो महज दो पिलर पर टिका है, जिसका नाम सीलैंड की रियासत (The Principality Of Sealand) है. यह इंग्लैंड से करीब 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर समुद्र के बीच बसा हुआ है. इस देश में रहने वाले लोगों की संख्या कुल 24 हैं. जी हां, यहां केवल 24 लोग ही रहते हैं. इस देश का साइज एक फुटबॉल के मैदान से भी कम है. लेकिन इनकी अपनी खुद की एक फुटबॉल टीम भी है. इसके अलावा बता दें कि इस देश का अपना संविधान और झंडा भी है और इस देश को दुनिया के कई देशों द्वारा मान्यता भी प्राप्त है.

इन्होंने बसाया यह देश

दरअसल, वर्ल्ड वॉर 2 के दौरान ब्रिटिश की रॉयल नेवी द्वारा एक बार सीलैंड का उपयोग किया गया था. ब्रिटिश द्वारा सीलैंड का इस्तेमाल जर्मनी के हमलों से निपटने के लिए किया गया था. लेकिन 1967 में, पैडी रॉय बेट्स नाम के एक ब्रिटिश व्यक्ति ने इस जगह पर कब्जा कर लिया और अवैध तरीके से अपना रेडियो स्टेशन चलाने लगा. इसके अलावा उसने इस जगह का एक संप्रभु राज्य (Sovereign State) के रूप में दावा किया.

पिछले 50 दशकों से कर रहे राज

बता दें कि पिछले लगभग 50 वर्षों से, उनके परिवार ने इस “माइक्रोनेशन” को ऐसे चलाया है जैसे कि यह एक वास्तविक देश हो. हालांकि, दुनिया के कई देशों ने इसे कभी भी आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है, लेकिन दुनिया के बहुत से देश ऐसे भी हैं, जो सीलैंड को एक देश मानते है.

है अपना संविधान और अपना ऑफिशियल झंडा

आज, सीलैंड का अपना संविधान है, अपना झंडा है, और यहां तक कि इसका अपना ऑफिशियल मोटो “E Mare, Libertas” भी है और इसका अर्थ है “समुद्र से, स्वतंत्रता.”

सहे कई भयानक हादसे

इतनी छोटी सी जगह के लिए सीलैंड का एक आश्चर्यजनक लेकिन काफी बड़ा इतिहास है. अपने अस्तित्व के पिछले पांच दशकों में, इस माइक्रोनेशन ने शाही मौतों, बंधक स्थितियों, क्षेत्रीय विवादों और यहां तक कि हेलीकाप्टर लड़ाइयों को भी देखा है. लेकिन आज भी यह दुनिया में अपना अस्तित्व बनाए हुए है.