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sccl:विशेष अभियान 4.0 में एसईसीएल ने रखा है 2200 मेट्रिक टन स्क्रैप हटाने का लक्ष्य

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बिलासपुर विशेष अभियान 4.0 में एसईसीएल ने रखा है 2200 मेट्रिक टन स्क्रैप हटाने का लक्ष्य, 30 लाख वर्ग फुट जगह होगी खाली**डिजिटल गवर्नेंस के जरिये लंबित फाइलों एवं ई-फाइलों तथा शिकायताओं के निपटारे पर ज़ोर* *अभियान के पहले चरण “स्वच्छता ही सेवा 2024” अंतर्गत सफाई अभियान, बच्चों को जागरूक करने स्वच्छता की पाठशाला आदि का किया जा रहा है आयोजन* भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग एवं कोयला मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को बढ़ावा देने एवं लंबित प्रकरणों एवं शिकायतों को कम करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्थित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एसईसीएल द्वारा इस वर्ष 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान 4.0 चलाया जाएगा है।

अभियान के तहत एसईसीएल ने इस बार 2200 मेट्रिक टन स्क्रैप हटाने की योजना बनाई है। इससे लगभग 30 लाख वर्ग फुट जगह स्क्रैप-मुक्त होकर खाली होगी जिसका बेहतर पुनरूपयोग किया जा सकेगा। साथ ही इससे लगभग 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व भी मिलेगा। इसके साथ ही कंपनी ने अभियान के तहत काफी समय से लंबित फाइलों/ई-फाइलों तथा शिकायतों के त्वरित निपटारे का भी लक्ष्य रखा है।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत एसईसीएल विशेष अभियान 4.0 के दौरान निम्नलिखित गतिविधियाँ करेगा:सार्वजनिक शिकायतों का समाधान: कंपनी द्वारा शासन को सुव्यवस्थित करने के अभियान के लक्ष्य के अनुरूप लंबित संदर्भों और सार्वजनिक शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए उनकी पहचान कर निपटाया जाएगा। स्थान और रिकॉर्ड प्रबंधन: पुरानी फाइलों की समीक्षा करने और उन्हें बंद करने या हटाने, स्क्रैप निपटान और सरलीकरण के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की पहचान करने पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिससे परिचालन दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।डिजिटल गवर्नेंस: एसईसीएल द्वारा ई-ऑफिस के उपयोग के माध्यम से आंतरिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, कागजी कार्रवाई पर निर्भरता कम करने और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करेगा।

अभियान के पहले चरण में एसईसीएल द्वारा 14 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “स्वच्छता ही सेवा” अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों विशेषकर नदियों को साफ करने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यालय एवं संचालन क्षेत्रों में सफाई मित्रों के सम्मान समारोह आयोजित कर उपहार देकर सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही बच्चों में अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वच्छता की पाठशाला एवं नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया जा रहा है। विदित हो कि एसईसीएल भारत की दूसरी बड़ी कोयला कंपनियों में है और मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ राज्य में कंपनी द्वारा 60 से अधिक कोयला खदानों का संचालन किया जाता है। एसईसीएल द्वारा कोरबा जिले में दुनिया की दो सबसे बड़ी कोयला खदानों गेवरा एवं कुसमुंडा का भी संचालन किया जाता है।