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Bilaspur Crime News: शराब विवाद में ड्राइवर की हत्या, बिलासपुर पुलिस ने एक महीने पुराने केस का किया खुलासा – दो युवक गिरफ्तार, एसएसपी ने टीम को नकद इनाम देने की घोषणा

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Bilaspur Crime News: करीब एक माह पहले ग्रैंड
लोटस के पीछे झाड़ियों में अधजले मिले युवक के शव के अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के ट्रक चालक के रूप में हुई, जो ट्रक लेकर यूपी आया था। होटल के पीछे सड़क किनारे शराब पीते समय दो युवकों से उसका विवाद हो गया। इसके बाद दोनों युवकों ने ट्रक चालक की पिटाई की और पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। फिर शव को जला दिया। शव जलाने के बाद तालाब गए और सबूत मिटाने के लिए कपड़े धोकर नहाए। दोनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और इनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं।

Bilaspur news : बिलासपुर। सिरगिट्टी पुलिस ने एक महीने पहले तिफरा सब्जी मंडी रोड पर मिली अधजली लाश की गुत्थी सुलझा ली है। मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपित युवकों ने शराब पीने के दौरान गाली-गलौज को लेकर ड्राइवर गोपाल कोल की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में पेश किया है।

शव की पहचान और शुरुआती जांच

एएसपी राजेंद्र जायसवाल के अनुसार, 7 नवंबर को तिफरा सब्जी मंडी रोड पर अधजली लाश मिली थी। शव इतनी बुरी तरह जल चुका था कि पहचान करना मुश्किल था।
1 दिसंबर को यूपी के सोनभद्र जिले के सेमिया नेवारी गांव की रहने वाली सोनी कुमारी (26) अपने ससुर मुन्नर कोल के साथ थाने पहुंची। उन्होंने अधजली लाश के पास मिले कपड़ों के आधार पर यह पहचान की कि यह उनके पति गोपाल कोल (26) है।
गोपाल पेशे से ड्राइवर थे और हाल ही में बिलासपुर में सीमेंट ट्रांसपोर्टिंग का काम कर रहे थे। वह ट्रक पर ही सोते और वहीं खाना बनाते थे। आठ नवंबर को गोपाल अपने गांव जाने के लिए मालिक से रुपये भी लिए थे।

मुखबिर सूचना और तकनीकी जांच

शव की पहचान के बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और अलग-अलग लोगों से मिली जानकारियों की पुष्टि की। टावर डंप और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी लिए गए। इन सबके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच अरुण दास मानिकपुरी (30) पर केंद्रित की।
जांच से पता चला कि घटना वाले दिन अरुण धनेश लोधी उर्फ राजू (34) के साथ शराब पीने गया था। दोनों पुलिस से बचकर रह रहे थे।

पूछताछ में खुलासा

दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरू में उन्होंने गोलमोल जवाब दिए, लेकिन अलग-अलग पूछताछ में टूट गए। उन्होंने बताया कि 6 नवंबर की रात लोट्स होटल के पीछे शराब पी रहे थे, और इसी दौरान गाली-गलौज को लेकर गोपाल का धनेश से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि अरुण और धनेश ने मिलकर गोपाल के सिर पर पत्थर मारा और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने अपने कपड़े उतारकर गोपाल की लाश को जलाया और फरार हो गए।

अपराधियों की गिरफ्तारी

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

एसएसपी रजनेश सिंह ने टीम की पीठ थपथपाई, नकद इनाम देने की घोषणा

ब्लाइंड मर्डर की इस सफलता पर एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच टीम की तारीफ करते हुए कहा—

थाना प्रभारी किशोर केवट और CSP सिविल लाइन निमितेश परिहार के नेतृत्व में टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी बिना विचलित हुए काम किया। जली हुई डेड बॉडी की पहचान इस केस की सबसे कठिन कड़ी थी, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, मानव खुफिया तंत्र और कई दिनों की निगरानी से टीम आरोपियों तक पहुंची। सिलसिलेवार पूछताछ में पूरा अपराध क्रम साफ हो गया, जो पुलिस की पेशेवर दक्षता को दर्शाता है।”

एसएसपी ने आगे कहा—
“पूरी टीम के कार्य की सराहना करते हुए मैं उन्हें नकद इनाम से सम्मानित कर रहा हूँ। हमारी प्राथमिकता है कि हर गंभीर अपराध की जांच इसी सक्रियता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज़्म के साथ की जाए, ताकि जनता को समय पर न्याय मिल सके।”

एसएसपी के इस सराहनीय बयान से पुलिस टीम का मनोबल बढ़ा है। एक महीने पुरानी अधजली लाश के ब्लाइंड मर्डर का खुलासा बिलासपुर पुलिस की जांच गुणवत्ता, इंटेलिजेंस सिस्टम और जमीनी कार्रवाई की ताकत को फिर साबित करता है।