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प्रियंका को नया कांग्रेस अध्यक्ष बनाने पर बोले राहुल गांधी- मेरी बहन को इसमें मत खींचो, कोई नॉन गांधी ढूंढो

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election) में भारतीय जनता पार्टी और उनके सहयोगियों (NDA गठबंधन) के हाथों करारी शिकस्त के बाद हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक काफी गहमागहमी वाली रही. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. हालांकि, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि इसके बावजूद राहुल गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं. उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं, मगर इस बात की संभावना कम है कि राहुल अपना मूड बदलेंगे. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी किसी और को संभालनी चाहिए.

सूत्रों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए वर्किंग कमिटी की मीटिंग में प्रियंका गांधी का नाम आया, तो राहुल ने कहा- ‘मेरी बहन को इसमें मत खींचो. नया अध्यक्ष नॉन गांधी होना चाहिए.’

बता दें कि हार की समीक्षा करने और राहुल गांधी के इस्तीफे पर मंथन करने के लिए शनिवार को करीब 6 घंटे तक कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक हुई. राहुल गांधी ने यह प्रस्ताव इसी मीटिंग में दिया था. 23 मई को ही राहुल गांधी ने मां सोनिया से नैतिक आधार पर पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने की बात कही थी. राहुल गांधी उसी दिन शाम को होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से अपने इस्तीफे का ऐलान करना चाहते थे, लेकिन सोनिया ने राहुल को सीडब्ल्यूसी की बैठक तक रुकने को कहा था.

‘मैं अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहता’
मीटिंग में राहुल गांधी पहले सबको सुनते रहे. फिर उन्होंने अपने समापन भाषण में कहा, “मैं पार्टी का अध्यक्ष नहीं रहना चाहता. हार की ज़िम्मेदारी मेरी है, नया अध्यक्ष चुनिए. कृपया प्रियंका गांधी का नाम मत लीजिएगा. गांधी परिवार के बाहर से नया अध्यक्ष चुनिए.”

‘पार्टी के लिए काम करता रहूंगा’
राहुल ने सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में कहा, ‘हमें अपनी लड़ाई को जारी रखना होगा. मैं कांग्रेस का अनुशासित सिपाही हूं और रहूंगा और बिना डरे लड़ता रहूंगा, लेकिन मैं अब पार्टी का अध्यक्ष बनकर नहीं रहना चाहता.’ कार्यसमिति की इस बैठक में राहुल की मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह शामिल थे.

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राहुल का इस्तीफा खारिज
इसके बाद सीडब्ल्यूसी ने राहुल की इस्तीफे की पेशकश को खारिज करते हुए प्रस्ताव पास किया कि राहुल अध्यक्ष बने रहें और वो पार्टी में जो चाहें बदलाव करें. समिति की बैठक में मौजूद सदस्यों ने साफ किया कि उन्होंने राहुल के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया है.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘ऐसे कठिन हालात में हमें राहुल गांधी के नेतृत्व की जरूरत है.’ सूत्रों की मानें तो अभी भी राहुल अपनी बात पर अड़े हुए हैं. राहुल अध्यक्ष के अलावा अन्य किसी भी भूमिका में काम करने का विकल्प पार्टी के सामने रख चुके हैं.