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गुजरात राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने भी घोषित किए अपने दो उम्मीदवार

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गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है. बीजेपी के बाद अब कांग्रेस ने भी राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों को उतारने का फैसला किया है. आज कांग्रेस के दो प्रत्याशी गौरव पंड्या और चंद्रिका चुडासमा नामांकन दाखिल करेंगे.

बता दें, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था. इसके बाद उपचुनाव हो रहे हैं. चुनाव आयोग ने अलग-अलग सीट के लिए अलग-अलग वोटिंग करने का आदेश दिया है. अगर वोटिंग अलग-अलग होती है तो दोनों सीट बीजेपी जीतेगी.

चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. आज यानी मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हो सकती है. अगर एक ही बैलेट पेपर पर वोटिंग होती है तो एक सीट पर बीजेपी और एक सीट पर कांग्रेस जीत सकती है.

बता दें कि गुजरात की दो राज्यसभा सीटों पर 5 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है. राज्य में कांग्रेस के नेता विपक्ष परेशभाई धनानी ने दोनों सीटों पर एक साथ चुनाव कराए जाने पर आपत्ति जताई और चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. अब अदालत ने उनकी याचिका मंजूर कर ली है, इस सुनवाई होनी है.

दरअसल, गुजरात कांग्रेस के नेता परेशभाई धनानी ने चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इस बार लोकसभा सांसद चुने गए हैं, ऐसे में उनकी सीट खाली हुई है जिसपर चुनाव होना है.

याचिका में कहा गया है कि एक ही दिन दोनों सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराना असंवैधानिक और संविधान की भावना के खिलाफ है. चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, अमित शाह को लोकसभा चुनाव जीतने का प्रमाणपत्र 23 मई तो वहीं स्मृति को 24 मई को मिला था.

इससे दोनों के चुनाव में एक दिन का अंतर हो गया, इसी आधार पर आयोग ने राज्य की दोनों सीटों को अलग-अलग माना है, लेकिन मतदान एक ही दिन होना है. कांग्रेस का तर्क है कि ऐसा होने से अब दोनों सीटों पर बीजेपी को जीत मिल जाएगी क्योंकि, वहां प्रथम वरीयता वोट नए सिरे से तय होंगे. लेकिन एक साथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल जाती.

गौरतलब है कि संख्या बल के हिसाब से गुजरात में राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को 61 वोट चाहिए. एक ही बैलेट पर चुनाव होने से उम्मीदवार एक ही वोट डाल पाएगा. इस स्थिति में कांग्रेस एक सीट आसानी से निकाल लेती क्योंकि उसके पास 71 विधायक हैं.