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साल में केवल एक दिन ही होते है दर्शन,बाकी दिन रहता है बंद यह अद्भुत मंदिर

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भारत में कई सारे मंदिर स्थापित है। जो अपने चमत्कार के चलते प्रसिद्ध है। वैसे भी भारत को आस्था का देश कहा जाता है। आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसके चमत्कार के बारे में जानकर आप हैरान हो जाओगे।

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाओगे। जानकारी के लिए बता दें कि हम बात कर रहे है नागचंद्रेश्वर मंदिर की जो मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित है। मंदिर के बारे में कहा जाता है कि नागपंचमी के दिन लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा एकत्रित हो जाता है।

इस मंदिर के दरवाजे केवल 24 घंटो के लिए ही खुलते है। बाद में इनको बंद कर दिया जाता है। इस मंदिर के बारे में ऐसा माना जाता है कि नागपंचमी के दिन नागदेवता स्वयं यहां निवास करते है एवं किस्मत वाले ही इस नागदेवता को देख पाते है।

इस मंदिर में 11वी शताब्दी कीअद्भुत मूर्ति विराजमान है इसमें नागचंद्रेश्वर अपने फन फैलाए हुए है एवं नाग आसन पर शिव-पार्वती विराजमान है।बताया जाता है कि ये प्रतिमा नेपाल से लाई गई थी। इतना ही नहीं ऐसी प्रतिमा इस मंदिर के अलावा औऱ कही पर भी मौजुद नहीं है।विश्व का ये एक मात्र ऐसा मंदिर है

जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान भोलेनाथ सांप पर विराजमान है।मंदिर में विराजमान मुर्तियों में शिवजी गणेश जी औऱ मां पार्वती के साथ दशमुखी सर्प श्य्या पर विराजित है। माना जाता है कि मंदिर का निर्माण परमान राजा भोज ने 1050 ईस्वी के लगभग करवाया था