Home जानिए साबूदाना क्या है इससे कई जुड़े तथ्यों को आप नहीं जानते होंगे

साबूदाना क्या है इससे कई जुड़े तथ्यों को आप नहीं जानते होंगे

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भारत देश में त्योहारों का सिलसिला लगभग चलता ही रहता है। त्योहारों के इस अवसर पर व्रत और उपवास भी आ जाते हैं। जिसमें लोग इस दौरान फरियाली लेते हैं। या फिर साबूदाना खाना पसंद करते हैं। इंदौर और महाराष्ट्र जैसे जगहों पर तो साबूदाना शौकिया तौर पर खाया जाता है। तो क्या आपने कभी यह सोचा है। sabudana जो साबूदाना आप खाते हैं, दरअसल वह कहां से आता है? आज हम आपको साबूदाने से जुड़ी रोचक बातें के बारे में बताते हैं:

क्या है साबूदाना sabudana

साबूदाना (what is sabudana) एक प्रकार का खाद्य पदार्थ है।

यह सफेद और गोल दिखाई देने वाले छोटे-छोटे मोती की तरह होता है।

साबूदाना से सैगो पाम नामक पेड़ के तने के गुद्दे से बनाया जाता है।

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यह ताड की तरह एक पौधा होता है, जिसे मूल रूप से पूर्वी अफ्रीका का पौधा है।

जब आप साबूदाने को पकाते हैं। तो यह पारदर्शी से हल्का पारदर्शी नरम और स्पंजी प्रकृति का हो जाता है।

शौकिया तौर पर खाये जाने वाले साबूदाने के व्यंजन

हमारे देश में साबूदाने का अधिकतर उपयोग पापड़, खिचड़ी और खीर बनाने में किया जाता है।

जिस में भी सूप व अन्य चीजों को गाढ़ा करने के लिए भी इसका उपयोग लेते हैं।

जब भी हिंदुओं में व्रत और उपवास करना होता है।

तो साबूदाने को खाना उत्तम बताया गया है।

भारत में साबूदाने का उत्पाद सर्वप्रथम कहां हुआ

साबूदाने का उत्पाद भारत में सर्वप्रथम तमिलनाडु के सेलम में हुआ था।

सन 1943-44 में भारत ने इसका उत्पाद एक कुटीर उध्योग से शुरू किया था।

भारत में इसका आगमन 19वीं सदी में हुआ था।

तमिलनाडु मैं कैसे की जाती है sabudana की खेती

साबूदाने की खेती करने के लिए सबसे पहले टैपियाका की जड़ों को मसल-मसल कर उसमें से दूध निकाल लिया जाता। इस दूध को छानकर उसे जमा देते थे। फिर जमे हुए दूध की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उसे सेक लिया जाता। इस प्रकार साबूदाने का निर्माण किया जाता था।

कहां है भारत में साबूदाने की सबसे ज्यादा इकाइयां

पौधे टैपियाका के उत्पाद भारत के अग्रिम देशों में मौजूद हैं। सेलम में कुल 700 इकाइयां मौजूद है। यहाँ साबूदाने का निर्माण बेहद ही ज्यादा मात्रा में होता है। आपको बता दे, साबूदाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा प्रमुखता होती है। जबकि कुछ मात्रा में कैल्शियम और विटामिन भी होता है।

आरारोट क्या है

वैसे साबूदाने की बाजार में कई प्रकार की किस्में उपलब्ध होती है। यह किस्मे इसे बनाने की गुणवत्ता अलग-अलग होने से इनके नाम भी बदल जाते हैं। जबकि साबूदाना तो एक ही प्रकार का होता है। इसी का एक उत्पाद आरारोट भी कहलाता है।

क्या साबूदाना शाकाहारी भोजन है

हां बिल्कुल, क्योंकि साबूदाने का निर्माण से सैगो पाम नामक पेड़ के तने के गूदे से किया जाता है। जो की पूरी तरह शाहकारी ही है। इसे मांसाहारी बताकर गलत भ्रांतियां फैलाई जा रही है। जोकि सरासर ही गलत है। साबूदाने को मांसाहारी बताने का कोई भी प्रमाण मौजूद नहीं है।

व्रत में फलाहार के दौरान क्या साबूदाना खा सकते हैं

यदि आप व्रत में फलाहार के दौरान साबूदाना खाना चाहते हैं। तो आप इसे खा सकते हैं, क्योंकि साबूदाने का निर्माण एक प्रकार के फल से ही होता है। शकरकंद से साबूदाने का निर्माण होता है। जिस कारण से व्रत के दौरान आप साबूदाने को खा सकते हैं।