Home विदेश अमीर बनने के बाद बिजनेसमैन ने अपने ही स्कूल को महल में...

अमीर बनने के बाद बिजनेसमैन ने अपने ही स्कूल को महल में बदला…

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM
  • रूस के बिजनेसमैन ने जिस स्कूल में पढ़ाई की उसे महल में बदल दिया है।
  • उन्होंने येकातेरिनबर्ग 106 सेकेंड्री स्कूल से पढ़ाई की थी।
  • स्कूल की तस्वीरों और वीडियो को काफी सराहना मिल रही है।
  • उन्होंने अपने स्कूल की दीवारों को मार्बल और सोने से बनवाया है।

रूस के बड़े बिजनेसमैन आंद्रेई सिमानोव्स्की ने जिस स्कूल में पढ़ाई की थी, अमीर बनने के बाद उसे महल में बदल दिया है। उन्होंने येकातेरिनबर्ग 106 सेकेंड्री स्कूल से पढ़ाई की थी। इस स्कूल की तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिल रही है।

क्या किया बदलाव?सिमानोव्स्की ने अपने स्कूल की दीवारों को मार्बल और सोने से बनवाया है। फर्श और बाथरूम में अडवांस बेसिन लगाए गए हैं। इसके अलावा स्कूल की छत पर सोने के झूमर भी लगाए गए हैं। जिससे ये स्कूल कोई आम स्कूल नहीं बल्कि पैलेस जैसा लगता है। इसके कई हिस्सों का काम पूरा हो गया है। अब कक्षा और कार्यालय को और खूबसूरत बनाने पर काम किया जा रहा है। सिमानोव्स्की का सपना बचपन से ही अमीर बनना था, ताकि वह अपने स्कूल को महल की तरह सजा सकें। उन्होंने अपने इस सपने को पूरा भी किया है। सिमानोव्स्की का कहना है कि वह बिल्डिंग के साथ जिम और खेल के मौदान में भी बदलाव करना चाहते हैं। वहीं अगर स्थानीय प्रशासन इजाजत दे देता है,तो फिर वह और बेहतर करने की कोशिश करेंगे। हालांकि स्कूल को महल बनाने को लेकर कई डिजाइनर्स और ब्लॉगर्स उनकी आलोचना कर रहे हैं। लेकिन अधिकारियों या प्रशासन ने अभी तक इसका विरोध नहीं किया है।

स्कूल प्रशासन और बच्चे खुश

येकातेरिनबर्ग के मेयर अलेक्जेंडर वायसोकिंस्की ने सिमानोव्स्की का समर्थन करते हुए कहा कि वह जो कुछ भी कर रहे हैं, समाज के लिए कर रहे हैं। लोग अच्छा करने वालों की हमेशा आलोचना करते हैं। इसके साथ ही स्कूल के अधिकारियों ने भी सिमानोव्स्की की तारीफ करते हुए कहा है कि उनके ऐसा करने से स्कूल में बच्चों और शिक्षकों के साथ-साथ माता-पिता की रुचि भी बढ़ी है। उनका उत्साह बढ़ा है और हर कोई इस स्कूल में आना चाहता है। इस तरीके से लोग शिक्षा के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

सिमानोव्स्की ने कहा है कि बेशक कोई कुछ भी कहे लोकिन बच्चे बहुत खुश हैं क्योंकि ऐसा करके उनका मूड बेहतर होगा। इस काम की आलोचना करने वाले जलते हैं। ये कोई रूस का पहला स्कूल नहीं है, जिसका ऐसा कायापलट किया गया हो। इससे पहले इसी तरह से द कैसल ऑफ चाइल्डहुड किंडरगार्डन स्कूल का भी कायापलट किया गया था।