Home समाचार खुली प्रेस कांफ्रेंस में जेठमलानी ने कहा था, “प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव...

खुली प्रेस कांफ्रेंस में जेठमलानी ने कहा था, “प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव को घूस दिया गया”

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

आज के भारत में बड़ी-बड़ी गाड़ियां, बड़े अपार्टमेंट ढेरों सुविधाएं, चमक धमक देख रहे हैं, वो लगभग 30 साल पहले नहीं थी। आप सोच रहे होंगे इसमें कौन सी नई बात है! सबको पता है कि इतनी सुविधाएं पहले नहीं थीं। लेकिन यदि हम कहें कि आज के भारत की तस्वीर, आज के भारत की नींव 30 साल पहले ही रखी गई थी तो शायद आपको ये बात थोड़ी बहुत अलग लगे। भारत में यह बदलाव तब नहीं हुआ जब देश आजाद हुआ, बल्कि तब हुआ जब 30 साल पहले देश कंगाल हुआ था। जी हां! 1991 में देश के प्रधानमंत्री थे नरसिम्हा राव, जिन्हें तीन बातों के लिए याद रखा जाता है। अयोध्या, आर्थिक सुधार और भ्रष्टाचार।

अयोध्या और आर्थिक सुधार तो नरसिम्हा राव के कार्यकाल के दो वर्षों में ही हो गया था। बाकी बचे सालों में सिर्फ भ्रष्टाचार की ही खबरें रहती थीं। उस वक़्त का सबसे बड़ा घोटाला था हर्षद मेहता घोटाला कांड। इस घोटाले की आंच प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव तक पहुंची। शेयर मार्केट में बड़ा घोटाला कर चुके हर्षद मेहता ने दावा किया था कि पीएम नरसिम्हा राव को उसने 67 लाख रुपये की रिश्वत दी है। उसने दावा किया कि पीएम को उसने एक सूटकेस में घूस की रकम दी थी। हर्षद मेहता ने इस बारे में एक कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया था और इसमें उनका साथ देने बैठे थे राम जेठमलानी। बेबाकी में राम जेठमलानी का कोई जवाब नहीं था। रविवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी का निधन हो गया।

क्या था हर्षद मेहता का आरोप ?

हर्षद मेहता ने 16 जून 1993 को मुंबई की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया था कि उसने पी।वी। नरसिम्हा राव को एक करोड़ रुपए से भरा एक सूटकेस उनके घर पर दिया। हर्षद मेहता ने कहा कि वह अपने साथ प्रधानमंत्री आवास एक सूटकेस ले गया था। उसमें 67 लाख रुपये थे। प्रेस कांफ्रेंस में मेहता ने कहा कि उसने सूटकेस राव के पर्सनल सेक्रेट्री राम खांडेकर को दे दिया। ऐसा उसने प्रधानमंत्री के कहने पर किया। एक करोड़ देने की बात थी, पर उस दिन सुबह तक 67 लाख का ही इंतजाम कर सका था। दूसरे दिन बाकी रकम पहुंचा दी।

हर्षद ने उस प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उसने प्रधानमंत्री को यह भी बताया था कि शेयर बाजार में पैसे कमाना कितना आसान है। उसने कहा कि वह शपथ पत्र दाखिल कर प्रधानमंत्री को पैसे देने की बात कही है। हर्षद मेहता ने 16 जून 1993 को मुंबई की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह आरोप लगाया था कि उसने पी।वी। नरसिम्हा राव को एक करोड़ रुपए से भरा एक सूटकेस उनके घर पर दिया।

जेठमलानी ने कहा था , पीएम के रिश्वत लेने की बात साबित कर देंगे

जेठमलानी से पूछा गया था कि क्या हर्षद मेहता की कही गई बातों को आप साबित कर सकते हैं? तो उन्होंने कहा कि उनके पास इतने सबूत हैं कि अग्नि परीक्षा से भी बखूबी गुजर सकते हैं। जरूरत पड़ेगी तो हम प्रमाणों को पेश कर देंगे।

बहरहाल पर पीएम पर रिश्वत लेने का आरोप साबित नहीं हो सका। लेकिन न तो झूठा आरोप लगाने के आरोप में हर्षद मेहता को सजा हुई और न ही घूस लेने के आरोप में नरसिम्हा राव को। नरसिम्हा राव पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने आंध्र के नांदियाल लोकसभा उपचुनाव में खर्च करने के लिए हर्षद मेहता से पैसे लिए थे।

दरअसल 1991 में जब वह पीएम बनने थे तो संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं थे। बाद में वे नंदियाल से जीत कर आए। तब लोकसभा कांग्रेस को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं था। तब झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसदों को रिश्वत देकर नरसिम्हा राव ने अपनी सरकार बचाई थी। रिश्वत लेकर वोट देने का आरोप बाद में साबित भी हो गया।