Home विदेश VIDEO : बेली डांस के भरोसे चल रही पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था

VIDEO : बेली डांस के भरोसे चल रही पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था

IMG-20251011-WA0045
IMG-20250614-WA0035
IMG-20250614-WA0034
IMG-20250614-WA0033
IMG-20250614-WA0032
IMG-20250614-WA0030
IMG-20250614-WA0031
IMG-20250614-WA0029
IMG-20250614-WA0028

IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी देश की अर्थव्‍यवस्‍था की वृद्धि में तेजी लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं फिर चाहे उसके लिए कुछ भी करना पड़े। हाल ही में निवेशकों को लुभाने के लिए बेली डांस का आयोजन किया गया था। अजरबैजान की राजधानी बाकू में ‘सरहद चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ द्वारा 4 सितंबर से 8 सितंबर तक आयोजित खैबर पख्तूनख्वा निवेश अवसर समारोह में विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए बेली डांस का आयोजन कराया गया।

आपको बता दें कि बेली डांस का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया है, जिसमें महिलाएं डांस करती नजर आ रही हैं। ट्वीटर पर कई लोगों ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान की कुछ स्थानीय मीडिया वेबसाइट और ट्वीटर यूजर ने इसे ‘नया पाकिस्तान’ करार दिया। एक यूजर ने ट्वीट किया, ‘पाकिस्तान अपनी खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को बेली डांसर से मजबूत करना चाहता है। इसके बाद क्‍या होगा?

तो वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतुल्य कार्यक्रम। अगर अर्थव्यवस्था इससे भी खस्ताहाल हुई तो क्या निर्वस्त्र डांस कराएंगे। एक ट्वीटर यूजर ने लिखा है कि एक तरफ भारत जहां चंद्रयान -2 लॉन्च कर रहा है, वहां पाकिस्तान के अधिकारियों को लुभाने के लिए बेली डांस करवा रहा है। एक यूजर ने कहा कि पाकिस्तान बिल्कुल अलग हटकर सोचता है। भैंस बेचने से लेकर बेली डांस तक।

आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पाकिस्तान का वार्षिक राजकोषीय घाटा पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक बढ़कर 8.9 प्रतिशत पर पहुंच गया है। राजकोषीय घाटे का अर्थ संघीय सरकार के राजस्व और व्यय के बीच का अंतर है। यह पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की विकट स्थिति को दर्शाता है।

तो वहीं इमरान सरकार आर्थिक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए लगातार भारत के खिलाफ जंग का ढ़ोल पीट रहे हैं। इतना ही नहीं इसमें उनके मंत्री-नेता और अधिकारी भी साथ दे रहे हैं। बिगड़ती स्थिति के बीच चीन और सऊदी अरब से थोड़ा बहुत बेलआऊट पैकेज पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को सांस दे रहा है। इसके अलावा मई में आंतरिक मुद्रा कोष ने पाकिस्तान के लिए छह बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी दी।