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जानिए देवी मां की स्थापना से लेकर पूजा तक का शुभ मुहूर्त, व्रत और तिथियों के बारे में

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इस साल नवरात्रि 29 सितम्बर से शुरू हो रही हैं. यह त्योहार सितंबर-अक्टूबर के महीनों में पड़ता है उसे शरद या शारदीय नवरात्रि कहा जाता है और यह सबसे ज्यादा मनाया जाने वाला त्योहार है. नवरात्रि संसार की रचना करने वाली शक्ति का पर्व है. सनातन धर्म के मानने वाले नवरात्र के पहले दिन घर में मां दुर्गा के कलश की स्थापना करते हैं. दुर्गा की कृपा पाने के लिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 16 मिनट से लेकर 7 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है. इसके अलावा जो भक्त सुबह कलश स्थापना ना कर पा रहे हो उनके लिए दिन में 11 बजकर 48 मिनट से लेकर 12 बजकर 35 मिनट तक का समय कलश स्थापना के लिए शुभ रहने वाला हैं.

ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस नवरात्र में ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति के कारण लगभग हर दिन शुभ योग बन रहा है. जिससे खरीदारी के मुहूर्त बन रहे हैं. वहीं तिथि क्षय होने से पंचांग भेद के कारण दुर्गाष्टमी और महानवमी पूजा में मतभेद रहेगा. कुछ लोग दुर्गाष्टमी 5 अक्टूबर को और कुछ 6 को मनाएंगे. इसी तरह नवमी पूजन 6 और 7 अक्टूबर को किया जाएगा.

बता दें 29 सितंबर रविवार को प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना होगी. 3 अक्टूबर को ललिता पंचमी का व्रत और पूजा की जाएगी. 4 अक्टूबर को षष्ठी तिथि के साथ ही बंगाल में दुर्गा पूजा शुरू हो जाएगी. वहीं कुछ पंचांगों में तिथि क्षय होने के कारण 5 और 6 अक्टूबर को अष्टमी की पूजा की जाएगी एवं 6 व 7 अक्टूबर को नवमी तिथि का व्रत एवं पूजा की जाएगी. इन दिनों में पुराणों के अनुसार 2 से 10 साल की कन्याओं का पूजन नवदुर्गा के स्वरूप में किया जाएगा. अष्टमी व नवमी को कुलदेवी एवं विशेष पूजा का भी विधान है.

इस साल, शारदीय नवरात्रि का शुभ त्योहार 29 सितंबर से शुरू हो रहा है और 7 अक्टूबर तक चलेगा. इसके बाद 8 अक्टूबर 2019 को दशहरा मनाया जाएगा. नवरात्रि में बन रहे शुभ योगों में वाहन, संपत्ति, आभूषण, कपड़े, बर्तन और इलेक्ट्रॉनिक चीजों की खरीदारी की जा सकती है. सांसारिक उपभोग के साधन और भौतिक सुख-सुविधाओं की खरीदारी की जा सकती है. शक्ति पर्व होने से इन दिनों में शस्त्र, औजार और ऊर्जा देने वाली चीजों की खरीदारी करना भी शुभ माना गया है.