Home विदेश साइंटिस्ट ने लैब में बनाया आर्टिफिशियल ब्लड

साइंटिस्ट ने लैब में बनाया आर्टिफिशियल ब्लड

All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0004
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0001
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0002
All PDF Reader 20260626 00.30.11_page-0003
IMG-20240704-WA0019
IMG-20220701-WA0004
WhatsApp-Image-2022-08-01-at-12.15.40-PM
1658178730682
WhatsApp-Image-2024-08-18-at-1.51.50-PM

21 वी सदी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए नए शोधों से भरी पड़ी है. यहां रोज नए आविष्कार देखने को मिल रहे है, जो हमारी सोच से कही आगे हैं. आज वैज्ञानिकों की खोज ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है. इसीलिए इसे वैज्ञानिक युग भी कहां जाता है. लेकीन इसके बावजूद भी कुछ ऐसी चीजे हैं, जो अभी भी विज्ञान से परे है जैसे जीवन-मौत. लेकीन जीवन बचाने के लिए जापान के एक साइंटिस्ट ने कृत्रिम खून बनाया है, जिससे मरीज को बचाया जा सकेगा.

इस कृत्रिम खून को जापान के टोकोरोजावा स्थित नेशनल डिफेंस मेडिकल कॉलेज में तैयार किया गया है. गौरतलब है कि पूरे विश्व में लाखों मरीज प्रतिदिन समय पर खून ना उपलब्ध होने की स्थिति में अपनी जान गंवा देते है. दावा किया जा रहा है कि खून के अभाव में मरने वाले मरीजों कें लिए इसे बनाया गया है.

किसी को भी चढ़ा सकते हैं, यह खून .

जापानी साइंटिस्ट्स का दावा है कि इस कृत्रिम खून को किसी भी ब्लड ग्रुप वाले मरीज को चढ़ाया जा सकता है.

बता दें कि ओ-निगेटिव एक ऐसा ब्लड ग्रुप है जो आपताकालीन स्थिति में किसी भी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को चढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह ब्लड ग्रुप आसानी से उपलब्ध नहीं होता है. ऐसी स्थिति में शोध किए गए इस खून से मरीज की जान बचाई जा सकती है.

खरगोशों पर किया गया प्रयोग.

जापानी साइंटिस्ट्स ने सबसे पहले इस कृत्रिम खून को खरगोशों पर प्रयोग किया है, जो की सफल रहा. उन्होंने बताया कि यह कंप्लीट ब्लड बनाया गया है, जिसमें रेड ब्लड सेल्स, ऑक्सीजन, प्लेटलेट्स मौजूद हैं.

बचाई जा सकेगी जिंदगी.

जापान के नेशनल डिफेंस मेडिकल कॉलेज के साइंटिस्ट्स ने अपनी यह स्टडी Transfusion नाम के जर्नल में प्रकाशित की है. इस स्टडी के लेखक मनाबू किनोशिता ने कहा कि, दूरस्थ इलाकों में पर्याप्त मात्रा में ब्लड का स्टॉक रखना मुश्किल होता है. ऐसे में कृत्रिम खून से उन लोगों की जिंदगी की रक्षा की जा सकेगी, जो समय पर खून ना मिलने से मर जाते हैं.